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    हिमाचल प्रदेश में बिजली नहीं अब सौर ऊर्जा से संचालित होगी पेयजल योजनाएं, पावंटा में पायलट आधार पर प्रोजेक्ट शुरू

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 24 Mar 2026 03:56 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश का जल शक्ति विभाग अब पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को सौर ऊर्जा से संचालित करेगा। सिरमौर के पांवटा साहिब में 10 पंचायतों के 21 गांवों में 2 ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में अब पेयजल योजनाएं सोलर ऊर्जा से संचालित होंगी। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में अब पेयजल योजनाएं सोलर ऊर्जा से संचालित होंगी। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. जल शक्ति विभाग सौर ऊर्जा से चलाएगा पेयजल परियोजनाएं।

    2. पांवटा साहिब में 260 हैंडपंप सौर ऊर्जा से संचालित।

    3. बिजली बिलों में कमी, पर्यावरण संरक्षण और निर्बाध जल आपूर्ति।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति विभाग पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को अब सौर ऊर्जा से संचालित करेगा। सिरमौर जिला के पांवटा साहिब तहसील में पायलट आधार पर इसकी शुरुआत कर दी गई है। 10 पंचायतों के 21 गांवों में 260 हैंडपंपों के बोर, सौर ऊर्जा चलित मशीनरी द्वारा जल को एचडीपीई जल भंडारण टैंकों में संग्रहित किया जा रहा है।

    प्रत्येक हैंडपंप से 30 से 40 व्यक्तियों को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल प्राप्त होगा। इन बोरवेल्स में लगभग 2 हार्सपावर क्षमता वाले स्वचालित सबमर्सिबल पंप स्थापित किए गए हैं। सभी 260 बोरवेल सौर ऊर्जा के उपयोग से सक्रिय हो चुके हैं और स्थानीय समुदाय द्वारा स्वयं संचालित किए जाते हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 888.39 लाख है।

    44 योजनाओं को सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना

    विधायक राकेश कालिया के प्रश्न के उत्तर में उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 44 योजनाओं को सौर ऊर्जा संचालित करने की योजना है। विभाग की इस पहल से बिजली बिलों में कमी, पर्यावरण संरक्षण और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    योजनाओं के रूफ टॉप में लगाए जा रहे सोलर पावर प्लांट

    उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग में बहुतायत बिजली के बिलों को कम करने के उद्देश्य से वर्तमान में बनी हुई पेयजल व सिंचाई योजनाओं के रूफ टाप में सोलर पावर प्लांट लगाने का कार्य हिम ऊर्जा विभाग के साथ संयुक्त रूप से किया जा रहा है। 

    हिम ऊर्जा विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण के बाद उनमें सोलर पावर प्लांट लगाए जाने प्रस्तावित है। सोलर पावर प्लांट के कार्यशील हो जाने पर बिजली के बिलों में काफी हद तक कटौती हो सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य में गगरेट विस क्षेत्र की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। 

    ग्रिड में जाएगी बिजली

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न बिजली हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के ग्रिड में आपूर्ति की जाएगी। इस प्रकार उत्पन्न ऊर्जा को मासिक आधार पर जल शक्ति विभाग की योजनाओं की कुल बिजली खपत में समायोजित किया जाएगा।

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