Himachal Weather: हिमाचल के 10 जिलों में खूब बरसेंगे मेघ, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी; 22 तक तेवर दिखाएगा मौसम
हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय है और 22 अगस्त तक भारी बारिश, बाढ़ व भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। शिमला सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट है।
HighLights
हिमाचल में 22 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट।
मौसम विभाग ने बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दी।
धर्मशाला में सर्वाधिक 112.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून कड़े तेवर दिखा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में रविवार को शिमला शहर और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने हल्की वर्षा की संभावना है। राज्य के मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और सोलन जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ एक-दो स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।
वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिलों में हल्की वर्षा का अनुमान है। रविवार को ऊना, शिमला, सोलन सहित कई अन्य स्थानों पर हल्की वर्षा हुई। संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
22 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर
प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 17 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 अगस्त को भी प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 20 से 22 अगस्त तक भी कई स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
कुकुमसेरी में 11.8 डिग्री तापमान
तापमान की बात करें तो प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान ऊना में 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा धर्मशाला में सर्वाधिक 112.6 और पालमपुर में 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र की बाढ़ व भूस्खलन की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चेतावनी दी है कि ढलानों पर भूस्खलन और कीचड़ खिसकने का जोखिम है। नदी-नालों में अचानक बाढ़ आने की आशंका और जलस्तर में वृद्धि का अनुमान है। निचले इलाकों में जलभराव तथा कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान हो सकता है। सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण हादसों का खतरा एवं ट्रैफिक जाम की संभावना जताई गई है।
सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने सतर्क किया है कि भूस्खलन, कीचड़ और बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। अकार जलभराव की समस्या का सामना करने वाले इलाकों से दूर रहें। नदियों, नालों और खड्डों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वाहन चलाते समय गति सीमा और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। स्थानीय प्रशासन और मौसम अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
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