Himachal Weather 23rd September: चक्रवात ने रोकी हिमाचल से मानसून की विदाई, फिर से बरसेंगे मेघ
चक्रवाती परिसंचरण के कारण हिमाचल प्रदेश से मानसून की वापसी थम गई है, जिससे 24 से 28 सितंबर के बीच हल्की बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश के आसार हैं।
HighLights
चक्रवाती परिसंचरण ने हिमाचल से मानसून की वापसी रोकी।
24-28 सितंबर के बीच हल्की बारिश की संभावना।
राज्य में 3219 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज।
राज्य ब्यूरो, शिमला। देश के मैदानी और पश्चिमी हिस्सों जैसे राजस्थान, पंजाब व हरियाणा से कुछ क्षेत्रों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, जम्मू और आसपास के इलाकों में बने पश्चिमी विक्षोभ और चक्रीय परिसंचरण के असर से प्रदेश से मानसून की वापसी थम गई है।
24 से 28 सितंबर के बीच राज्य के छिटपुट स्थानों-विशेषकर चंबा, सिरमौर, शिमला और कांगड़ा में हल्की वर्षा की संभावना जताई है। हालांकि 28 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने से वर्षा का नया दौर शुरू होने की भी उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को प्रदेश में मौसम के सफ रहने से तापमान में हल्की वृद्धि का अनुमान है। यद्यपि मानसून का आधिकारिक आंकलन 1 जून से 30 सितंबर की अवधि के बीच किया जाता है।
कम बारिश दर्ज
22 सितंबर तक दर्ज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में सामान्य वर्षा 711.4 मिलीमीटर की तुलना में राज्य में 628.3 मिलीमीटर दर्ज की गई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। प्रदेश के कांगड़ा जिना में सबसे अधिक 1505.2 मिलीमीटर जो सामान्य से 5 प्रतिशत कम, सिरमौर में 1212.4 मिलीमीटर सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है।
इन जिलों में ज्यादा बारिश
शिमला में सामान्य से 13 प्रतिशत, बिलासपुर में 9 प्रतिशत और कुल्लू में 8 प्रतिशत सामान्य से अधिक वर्षा हुई। लाहुल-स्पीति में सामान्य से 65 प्रतिशत कम 128.1 मिलीमीटर, हमीरपुर में 33 प्रतिशत कम 637.3 मिलीमीटर वर्षा हुई।
दिन के तापमान में वृद्धि
प्रदेश में दिन में तेज धूप के कारण पसीने छूट रहे हैं। अधिकतम तापमान में एक डिग्री का अंतर आया है। कुछ स्थानों पर वृद्धि तो कुछ में गिरावट आई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34.6 डिग्री दर्ज किया गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया चक्रवात के कारण आगामी दिनों में हल्की वर्षा की संभावना है। जिसके कारण अभी मानसून की वापसी में समय लगेगा। प्रदेश में अभी तक सामान्य से 12 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
3219 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 30 जून से लेकर 22 सितंबर तक 3219 करोड़ का नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण 18, अचानक बाए़ के कारण 1, डूबने से 17 और गिरने से 54 लोगों की मौत हुई है।लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 919.5 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 2,744.6 करोड़ का नुकसान आंका गया है। 1,416 मकान (572 पक्के व 844 कच्चे) पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
