Himachal Weather: हिमाचल में मानसून के तेवर फिर कड़े, चार दिन के लिए इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है, जिसमें 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में चार दिन के लिए भारी बारिश का अलर्ट है।
HighLights
31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट।
प्रदेश में 64 सड़कें और 225 ट्रांसफार्मर ठप।
धौलाकुआं में सर्वाधिक 38.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कड़ा रुख अपनाने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त रविवार को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, 31 अगस्त (सोमवार) से 3 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश (Heavy Rain) को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
कल से चार दिन के लिए अलर्ट
विभाग ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 4 और 5 सितंबर को भी अधिकांश स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इन जिलों में बरसेंगे मेघ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 अगस्त को कांगड़ा व सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। एक सितंबर को चंबा, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। दो व तीन सितंबर को चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।
धौलाकुआं में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान जिला सिरमौर के धौलाकुआं में सर्वाधिक 38.5 मिलीमीटर, घघास में 30 और कांगड़ा जिले के पालमपुर में 23.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा कांगड़ा में 5.6 मिलीमीटर, मंडी के सुंदरनगर, मुरारी देवी में 22 मिलीमीटर, पंडोह और जोगिंद्रनगर में भी झमाझम पानी बरसा।
64 सड़कें और 225 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
वर्षा और भूस्खलन से प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 30 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के अनुसार राज्य भर में कुल 64 सड़कें बंद पड़ी हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्मंडी में 24 सड़कें) कुल्लू 16 सड़कें, सिरमौर व कांगड़ा में 7-7 बंद हैं। प्रदेश में 225 डीटीआर (ट्रांसफार्मर) ठप हैं, जिनमें अकेले गोहर मंडी में 217 ट्रांसफार्मर खराब हैं।
वर्षा से राज्य की 9 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य भर में औसतन न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
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