हिमाचल में 31 जुलाई तक राहत नहीं देगा मानसून, श्रीनयनादेवी में सबसे अधिक वर्षा; पर्यटकों के लिए एडवायजरी
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी वर्षा से राहत की उम्मीद नहीं है, मानसून अधिक सक्रिय रहेगा जिससे भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की आशंका है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है।
HighLights
हिमाचल में 31 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना।
लगभग 100 सड़कें बंद, भूस्खलन का खतरा।
पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी वर्षा से राहत मिलने का आसार नहीं हैं। इस दौरान मानसून अधिक सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने वीरवार को दिन में शिमला, सोलन और सिरमौर में पांच घंटों के दौरान भारी वर्षा की संभावना जतााई। इस कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन और आंधी की आशंका भी जताई गई। वीरवार को सुबह से वर्षा का क्रम जारी है। प्रदेश में लगातार वर्षा और भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित है, करीब 100 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
पर्यटकों के लिए एडवायजरी
राज्य आपदा प्रबंधन ने नागरिकों व पर्यटकों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल अति-आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
शिमला सहित प्रदेशभर में भूस्खलन की घटनाएं
शिमला सहित प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इस कारण यातायात व्यवस्था पर असर हुआ है। नदियों में जलस्तर बढ़ा है। ऐसे में बांधों से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।
तापमान में विशेष बदलाव नहीं
लगातार वर्षा के बीच न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। एक डिग्री से भी कम का अंतर दर्ज किया गया है।
प्रदेश में श्रीनयनादेवी जी में सबसे अधिक वर्षा
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के श्रीनयनादेवी जी में 56.2 मिलीमीटर सबसे ज्यादा वर्षा हुई। इसके अलावा मनाली में 35, रामपुर में 30.3, सराहन में 28.7, नाहन में 28, रोहड़ू में 20 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
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