शिमला में एक साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी, महिला आयोग ने दोनों को साथ बैठाकर दूर कर दी नाराजगी
हिमाचल महिला आयोग ने शिमला में एक साल से अलग रह रहे पति-पत्नी को फिर से मिलाया। पत्नी की नाराजगी थी कि पति उसे मायके लेने नहीं आ रहा था। आयोग की अध्यक ...और पढ़ें

शिमला में महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी लोगों से बात करते हुए। जागरण
HighLights
महिला आयोग ने एक साल से अलग रह रहे जोड़े को मिलाया।
पत्नी की नाराजगी थी पति मायके लेने नहीं आ रहा था।
आयोग ने 20 में से 12 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया।
जागरण संवाददाता, शिमला। पति-पत्नी का रिश्ता बहुत नाजुक होता है। यही कारण है कि किसी वजह से रिश्तों में आई दूरियां जब संवाद की कमी से बढ़ने लगती हैं तो छोटे-छोटे विवाद भी परिवार टूटने की वजह बन जाते हैं। लेकिन शिमला में महिला आयोग की संवेदनशील पहल ने एक ऐसे ही बिखरते रिश्ते को फिर से जोड़ दिया, जहां एक साल से अलग रह रहा दंपती आखिरकार एक साथ आने के लिए राजी हो गया।
क्यों नाराज थी पत्नी
मामला पति-पत्नी का एक-दूसरे से नाराजगी का था। पत्नी इसलिए नाराज थी कि पति उसे मायके लेने नहीं आ रहा। परिवार टूटने की कगार पर था...लेकिन मामला जब महिला आयोग के पास पहुंचा तो उम्मीद की किरण जगी।
महिला आयोग ने टूटने से बचाया परिवार
शनिवार को शिमला में महिला आयोग की सुनवाई में महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने दोनों पक्षों को सुना। दोनों अपने-अपने तर्कों पर अड़े थे, इसी बीच अध्यक्ष ने कहा कि पति के साथ आयोग भी उसे लेने आएगा तो पत्नी एकदम से मान गई। इस तरह एक परिवार टूटने से बच गया।
20 में से 12 मामलों का निपटारा
शनिवार को लगातार दूसरे दिन लगी महिला आयोग की अदालत में 20 मामलों पर सुनवाई हुई। महिला आयोग में 31 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था। 12 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। शेष आठ मामलों में अगली तारीख तय की जाएगी।
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दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी हुए राजी
एक मामले में लगभग दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी को आयोग ने काउंसलिंग के बाद साथ रहने के लिए तैयार कर लिया। दोनों एक माह में साथ रहने के लिए तैयार हो गए। विद्या नेगी ने बताया कि आयोग का प्रयास है कि मामलों को सहमति से सुलझाया जा सके। इसके लिए आयोग प्रयासरत है।