Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल में 1000 युवाओं को ई-टैक्सी और ई-रिक्शा पर मिलेगी 50% सब्सिडी, सुक्खू बोले- ऑनलाइन होगी सारी प्रक्रिया

    By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 10 Jun 2026 06:50 PM (IST)

    हिमाचल सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ई-टैक्सी और ई-रिक्शा खरीद पर 50% सब्सिडी देगी। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रक्रिया ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियोंं को निर्देश देते हुए।

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियोंं को निर्देश देते हुए।

    HighLights

    1. युवाओं को ई-टैक्सी, ई-रिक्शा खरीद पर 50% सब्सिडी मिलेगी।

    2. सभी सरकारी प्रक्रियाएं अब पूरी तरह से ऑनलाइन होंगी।

    3. हिमाचल में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रहेंगे।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए बड़े कदम उठाने जा रही है। सरकार का मुख्य फोकस युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना और राज्य में 'ईज आफ डुइंग बिजनेस' (व्यवसाय करने में सुगमता) को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में युवाओं और व्यापार क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

    500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीद पर मिलेगी सब्सिडी

    उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत का भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। स्वरोजगार को और विस्तार देते हुए सरकार ने निम्नलिखित लक्ष्य तय किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 500 और युवाओं को ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। 

    ई-रिक्शा खरीद पर भी 50 प्रतिशत अनुदान

    इसी वित्तीय वर्ष में 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए भी 50 प्रतिशत का पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। यह राशि सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस पहल का सीधा लक्ष्य राज्य के युवाओं को घर के पास ही सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराना और हिमाचल में पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) परिवहन को बढ़ावा देना है।

    सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होंगी

    स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं और व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए मुख्यमंत्री ने विभाग को प्रमाण-पत्र और लाइसेंस आदि से जुड़ी सभी सेवाओं को पूर्णतः आनलाइन एवं डिजिटाइज करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी, आसान और समयबद्ध तरीके से पूरी होंगी।

    खबरें और भी

    इस उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित श्रम एवं रोजगार विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने युवाओं और श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

    अब 24 घंटे चल सकेंगी दुकानें, व्यापार करना हुआ आसान

    अपना खुद का काम या व्यापार करने वाले लोगों के लिए सरकार ने एक और बड़ी राहत दी है। हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चौबीस घंटे (24x7) खुला रखने की अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय से छोटे उद्यमियों और व्यापारियों की आमदनी बढ़ेगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और ग्राहकों को भी अपनी सुविधा अनुसार खरीदारी का समय मिलेगा।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश में वाहन परमिट लेना महंगा, हर दो साल बाद 10 प्रतिशत बढ़ेगा शुल्क; 1999 के बाद नहीं बढ़े थे रेट