Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की हिमाचल सरकार की याचिका, 60 साल की उम्र में रिटायर होंगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 14 Jul 2026 11:33 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका खारिज करते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राहत दी है। अब ये कर्मचारी 58 की बजाय 60 साल की आयु में सेवानिवृत् ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका खारिज कर दी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका खारिज कर दी है।

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका खारिज की।

    2. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 साल हुई।

    3. हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।

    विधि संवाददाता, शिमला। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका को खारिज करते हुए कर्मचारियों के हित में फैसला सुनाया है। प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राहत मिली है, इनकी रिटायरमेंट अब 60 साल की आयु में ही होगी। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति आयु को लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राहत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कोई त्रुटि न पाते हुए सरकार की अपील को खारिज कर दिया।

    हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे कि सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर ही सेवानिवृत्त किया जाए।

    नौकरी के लिए वापस बुलाने का था आदेश

    स्पष्ट किया था कि जो भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 10 मई 2001 से पहले अथवा बाद में सरकारी सेवाओं में लगे हैं, उन्हें 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त किया जाए। जिन कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु से पहले सेवानिवृत्त किया है, उन्हें नौकरी के लिए बुलाया जाए। कोर्ट ने उन्हें 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर ही सेवानिवृत्त करने के आदेश दिए थे।

    दो वर्ष का वेतन देने के दिए थे आदेश 

    कोर्ट ने उन कर्मचारियों को भी राहत दी थी, जिन्हें 60 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण वापस नौकरी पर नहीं रखा जा सकता था। कोर्ट ने ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर पेंशन काटकर दो वर्ष का वेतन देने के आदेश दिए थे।

    कोर्ट न रद कर दी थी सरकार की अधिसूचना

    कोर्ट ने 21 फरवरी 2018 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को भी रद कर दिया था, जिसके तहत यह व्यवस्था दी थी कि 10 मई 2001 के बाद नियुक्त चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त किया जाएगा। इस अधिसूचना को विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी।

    खबरें और भी

    112 याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिए थे आदेश

    प्रदेश हाई कोर्ट में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एक साथ 112 याचिकाओं का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को निर्देश जारी किए थे कि जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अंतरिम आदेश की दृष्टिगत सेवाएं 58 वर्ष के बाद भी जारी रखे हुए हैं, वे 60 वर्ष की आयु तक कार्य करेंगे।

    यह भी पढ़ें: CM सुक्खू के निजी सचिव HAS राजीव कुमार का IAS सेवा में चयन, दिल्ली में चयन समिति की बैठक में लगी मुहर