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हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: कुलपति नियुक्ति के सरकारी नियम और विज्ञापन रद, कहा- यह UGC रेगुलेशंस के खिलाफ

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 27 Aug 2026 12:46 PM (IST)

हिमाचल हाई कोर्ट ने राज्य के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति चयन के सरकारी नियमों और भर्ती विज्ञापनों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने कुलपति चयन के सरकारी नियम रद्द किए।

  2. नियमों को यूजीसी रेगुलेशंस 2018 के खिलाफ बताया।

  3. नई चयन प्रक्रिया यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुसार होगी।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति (वाइस-चांसलर) के चयन के लिए सरकार द्वारा कानून में किए गए संशोधनों, वर्ष 2026 में बनाए गए नए नियमों और इसके तहत जारी भर्ती विज्ञापनों को असंवैधानिक करार देते हुए रद कर दिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश  रंजन शर्मा की खंडपीठ ने नरेंद्र कुमार संख्यान और संजीव कुमार चौहान द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

मामले के अनुसार राज्य सरकार ने 'हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटीज ऑफ एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री एक्ट, 1986' में संशोधन कर कुलपति की चयन व नियुक्ति प्रक्रिया का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था। नए नियमों के तहत सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी के गठन का अधिकार सरकार को दिया गया था, जो तीन नामों का पैनल सरकार को सौंपती और सरकार उसमें से एक नाम चुनकर चांसलर (राज्यपाल) को भेजती। 

इस प्रक्रिया में चांसलर को सरकार की 'सलाह और सहायता' पर काम करने के लिए बाध्य किया गया था। इसके अलावा, चयन समिति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के नामित सदस्य को शामिल नहीं किया गया था, जो कि यूजीसी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था।

सरकार के नियम यूजीसी रेगुलेशंस के खिलाफ

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा के संस्थानों में मानकों का निर्धारण और समन्वय करना संविधान की संघ सूची के तहत केंद्र सरकार और संसद के विशेष अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किया गया संशोधन और बनाए गए नियम अनिवार्य यूजीसी रेगुलेशंस, 2018 के खिलाफ हैं।

क्या कहते हैं यूजीसी नियम

यूजीसी नियमों के मुताबिक, सर्च कमेटी में कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं हो सकता जो विश्वविद्यालय से सीधे तौर पर जुड़ा हो, जबकि राज्य के नियमों में मुख्य सचिव या प्रशासनिक अधिकारियों को इसमें जगह दी गई थी।

हाई कोर्ट ने कहा, नई प्रक्रिया शुरू करें

कोर्ट ने चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (पालमपुर) और डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी स्थित सोलन के लिए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े 26 फरवरी 2026 के विज्ञापनों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और चांसलर को निर्देश दिया है कि वे यूजीसी रेगुलेशंस 2018 के क्लॉज 7.3 के प्रावधानों के तहत एक नई चयन प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करें, जिसमें चयन समिति के अंदर यूजीसी के प्रतिनिधि को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

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