हिमाचल विधानसभा में उठेंगे आज 74 प्रश्न, राष्ट्रगान विवाद पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में हो सकती है तकरार
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन 74 प्रश्न उठाए जाएंगे, जिसमें पीएम आवास योजना और अवैध खनन जैसे ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
विधानसभा में आज 74 प्रश्न सूचीबद्ध, कई अहम मुद्दों पर चर्चा।
राष्ट्रगान विवाद पर सत्ता-विपक्ष में तकरार की प्रबल संभावना।
पीएम आवास, अवैध खनन, बेसहारा पशुओं पर नीति बनेगी।
जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन वीरवार को गैर सरकारी कार्य दिवस रहेगा। विधायक बिक्रम सिंह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश की भौगोलिक दृष्टि के मद्देनजर पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए अधिक लागत के अनुरूप वित्तीय सहायता प्रदान करने की नीति बनाने का मामला उठाएंगे। हालांकि, राष्ट्रगान विवाद आज भी गरमा सकता है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
विधायक कुलदीप सिंह राठौर बच्चों द्वारा इंटरनेट मीडिया के उपयोग को नियंत्रित व सुरक्षित करने की नीति बनाने, सुखराम चौधरी व केवल सिंह पठानिया बेसहारा पशुओं के सड़कों पर आवागमन रोकने तथा गोशालाओं में रखने की नीति बनाने और जीतराम कटवाल प्रदेश में अवैध खनन रोकने तथा दुष्प्रभावों के निस्तारण करने की कारगर नीति बनाने का मामला उठाएंगे।
स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद पर प्रश्न
विधानसभा में प्रश्नकाल के लिए 74 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं। विधायक लोकेन्द्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनाई जा रही राज्य खरीद नीति पर प्रश्न किया है कि किस तरह से स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद की जा रही है। विधायक विनोद कुमार ने प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया के संबंध में पूछा है। विधायक विक्रम सिंह व सुखराम चौधरी ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए वर्ष 2023 में घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत जारी की गई राशि का ब्योरा मांगा है।
नियम-62 के तहत विषय रखेंगे
मानसूत्र सत्र के दौरान विधायक नियम-62 के तहत विषय रखेंगे। नालागढ़ से कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह बावा शिवालिक सालिड वेस्ट मेनेजमेंट प्लांट के संचालन और लीज अवधि के विस्तारीकरण से पैदा स्थिति पर सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती लोक निर्माण विभाग में विद्युत कार्यों के ठेके इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों को मिलने और इलेक्ट्रिकल विंग को सिविल विंग में समाहित करने से पैदा हुई स्थिति को लेकर विषय रखेंगे। शून्यकाल में ज्वलंत मुद्दे भी उठेंगे।
