सोलन की पहाड़ियों पर अवैध बहुमंजिला इमारत निर्माण पर हिमाचल हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब; अधिकारी किए तलब
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन की पहाड़ियों पर अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार ...और पढ़ें

सोलन में पहाड़ियों पर किया जा रहा बहुमंजिला भवनों का निर्माण। जागरण आर्काइव
HighLights
सोलन की पहाड़ियों पर अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त।
राज्य सरकार से मांगा जवाब, टीसीपी अधिकारी तलब।
कृषि भूमि पर निर्माण और एचपी टेनेंसी एक्ट का उल्लंघन।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिले के बड़ोग और आस-पास की पहाड़ियों पर धड़ल्ले से हो रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) के आला अधिकारियों को निजी तौर पर अदालत में तलब किया था।
कोर्ट ने राज्य सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि कृषि और वन भूमि को समतल करके बाहरी बिल्डरों द्वारा बहुमंजिला इमारतें कैसे खड़ी की जा रही हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या यह 'एचपी टेनेंसी एक्ट' के नियमों का उल्लंघन तो नहीं है, जिसके तहत गैर-हिमाचली और गैर-कृषक व्यक्ति सीधे कृषि भूमि नहीं खरीद सकते। सक्षम प्राधिकारी को इस पूरी प्रक्रिया और चल रही जांच पर विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया गया है।
6 मंजिल से अधिक के निर्माण पर लगाई थी रोक
हाई कोर्ट ने पूर्व में 6 मंजिलों से अधिक के निर्माण पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसके बावजूद हाल ही में दायर एक याचिका में 9 मंजिला इमारतों की तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे पहाड़ियों की हरियाली कम हो रही है।
स्टॉप कंस्ट्रक्शन ऑर्डर्स की सूची मांगी
कोर्ट ने सरकार से 'स्टॉप कंस्ट्रक्शन ऑर्डर्स' की पूरी सूची मांगी है, ताकि यह देखा जा सके कि कोर्ट के आदेश का पालन जमीनी स्तर पर हुआ है या नहीं। सरकार ने क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए समय बढ़ाने की अर्जी दी थी। कोर्ट ने पाया कि इसमें कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी गई है।
शिमला, कांगड़ा और कुल्लू की योजनाओं को अभी प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलना बाकी है, जबकि मंडी, सोलन, चंबा और नहान के प्लान मार्च 2027 तक पूरे होने की बात कही गई है।
सर्वोच्च अदालत भी रख रही निगरानी
हाई कोर्ट ने उल्लेख किया कि देश की सर्वोच्च अदालत भी एक अलग रिट याचिका में हिमाचल प्रदेश की नाजुक पारिस्थितिकी, भारी मशीनरी के उपयोग और अवैध निर्माणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।
अगली सुनवाई में हाजिर होने का आदेश
हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 सितंबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान आवश्यक विवरणों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
