हिमाचल प्रदेश में नकल व पेपर लीक करना अब दंडनीय अपराध, सुक्खू सरकार लाई कानून
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 9 फरवरी से सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लागू कर दिया है। 'हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अन ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुकखू। जागरण आर्काइव
HighLights
नकल रोकने के लिए हिमाचल में नया कानून लागू।
नकल या पेपर लीक पर दो साल की कैद, जुर्माना।
परीक्षा स्टाफ की मिलीभगत पर भी होगी कार्रवाई।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल रोकने के कानून को नौ फरवरी से लागू कर दिया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश कार्मिक विभाग ने परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए बनाए हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है।
अधिसूचना के अनुसार इसका उद्देश्य भर्ती, बोर्ड तथा अन्य सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ पेपर लीक, नकल माफिया तथा संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर अंकुश लगाना है।
इस कानून के तहत नकल करने को लेकर दो वर्ष कारावास सहित जुर्माने का प्रविधान है। हाल के वर्षों में परीक्षा प्रक्रियाओं में सामने आए मामलों के बाद इस तरह के सख्त कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
परीक्षा में शामिल स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई
अब किसी भी सार्वजनिक परीक्षा में नकल, पेपर लीक या अनुचित साधनों का उपयोग दंडनीय अपराध होगा। परीक्षा प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या गोपनीय सामग्री को लीक करना या करवाना अपराध माना जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया में शामिल अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति द्वारा मिलीभगत पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
परीक्षा प्रणाली में छेड़छाड़ करने पर सख्त सजा
इलेक्ट्रानिक उपकरणों, ब्लूटूथ, गैजेट या अन्य तकनीकी माध्यमों से नकल करने पर दंड का प्रविधान होगा। परीक्षा केंद्र या परीक्षा प्रणाली में छेड़छाड़ करने पर सख्त सजा सहित दोषी पाए जाने पर जुर्माना, कारावास या दोनों का प्रविधान किया गया है। परीक्षा एजेंसियों को सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष मानक अपनाने होंगे।