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    हिमाचल में शराब पीकर छात्रों को पीटने वाले शिक्षक पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने किया अनिवार्य सेवानिवृत्त

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:55 AM (IST)

    शराब पीकर स्कूल आने और छात्रों की पिटाई करने के दोषी शिक्षक मोहिंदर सिंह को शिक्षा विभाग ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. शिक्षक मोहिंदर सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई

    2. शराब पीकर स्कूल आने, छात्रों को पीटने का दोषी

    3. शिक्षा विभाग ने कदाचार पर सख्त कार्रवाई की

    राज्य ब्यूरो, शिमला। शराब पीकर स्कूल आने व विद्यार्थियों को पीटने के दोषी शिक्षक पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद शिक्षक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है। मोहिंदर सिंह प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी नान-मेडिकल) के पद पर कार्यरत था।

    निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जब यह मामला उजागर हुआ था तो मोहिंदर सिंह चंबा जिला के मिडल स्कूल रंभो में तैनात था। विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था। विभागीय कार्रवाई चलने के दौरान उसे कांगड़ा जिला के हाई स्कूल कंड में तैनाती दी थी।

    आदेश के अनुसार मोहिंदर सिंह पर आरोप था कि वह कई बार शराब के नशे में स्कूल पहुंचा। नियमित रूप से अपने सरकारी दायित्वों की उपेक्षा की, बिना अनुमति अनुपस्थित रहे तथा विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार और पिटाई की। इनके आधार पर उनके खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

    तर्क नहीं आया काम

    जांच के दौरान शिक्षक ने बचाव में कहा कि वह लंबे समय से अग्नाशय (पैंक्रियाटाइटिस) और मानसिक बीमारी से पीड़ित है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं।

    विभागीय जांच अधिकारी ने उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और आरोपों को प्रमाणित माना।

    शिक्षा विभाग ने कहा-शिक्षकों से आदर्श व्यवहार की अपेक्षा

    शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा कि एक शिक्षक से अनुशासन, नैतिक आचरण और विद्यार्थियों के प्रति आदर्श व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। शराब के नशे में विद्यालय आना, छात्रों से दुर्व्यवहार करना और सरकारी दायित्वों की अनदेखी करना गंभीर कदाचार है, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था की साख प्रभावित होती है।

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    इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीए) नियम, 1965 के तहत 31 जुलाई 2026 से मोहिंदर सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के आदेश जारी किए हैं।

    साथ ही स्पष्ट किया गया है कि उन्हें मिलने वाले पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रचलित नियमों के अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।

    71 अन्य मामलों में चल रही है जांच

    सरकारी स्कूलों में कार्यरत 71 शिक्षक विभागीय जांच के दायरे में हैं। इनमें सबसे ज्यादा 28 स्कूल प्रधानाचार्य शामिल हैं, जबकि प्रवक्ता 15, टीजीटी 18, मुख्य अध्यापक चार और छह डीपीई के खिलाफ जांच चल रही है। 10 शिक्षकों के खिलाफ पाक्सो के मामले दर्ज हैं।

    इसमें दो प्रधानाचार्य, तीन प्रवक्ता, चार टीजीटी व एक डीपीई शामिल हैं। तीन टीजीटी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं। दो टीजीटी व एक डीपीई पर छात्रों की पिटाई करने का आरोप है। एक प्रधानाचार्य व तीन प्रवक्ता पर गबन, सात शिक्षकों पर जानबूझ कर अनुपस्थित रहने, दो पर शराब पीकर आने व 44 अन्य तरह की शिकायतें हैं।