'सुबह 10 बजे HRTC बसें खड़ी कर देंगे ड्राइवर', 12 मई को भी सैलरी न मिलने पर कर्मचारी यूनियन की चेतावनी
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों को मई महीने का वेतन न मिलने पर उन्होंने बुधवार तक भुगतान न होने पर बसें रोकने की चेतावनी दी है। प्रबंधन ने ...और पढ़ें

शिमला में मंगलवार को प्रदर्शन करते एचआरटीसी कर्मचारी। जागरण
HighLights
HRTC कर्मचारियों को मई का वेतन नहीं मिला।
बुधवार तक वेतन न मिलने पर बसें रोकेंगे कर्मचारी।
प्रबंधन ने वेतन जारी करने का दावा किया है।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों को मई महीने की 12 तारीख बीतने पर भी वेतन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए हैं। एचआरटीसी चालक व परिचालक यूनियन सहित अन्य सभी यूनियनों ने प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक वेतन उनके खाते में नहीं आया तो बसों को खड़ा कर देंगे।
चालक-परिचालक यूनियन की शिमला में हुई बैठक में यह निर्णय लिया। बैठक के बाद कर्मचारियों ने एचआरटीसी मुख्यालय के बाहर गेट मीटिंग भी की। इसके बाद निगम प्रबंधन ने वेतन जारी करने के आदेश दे दिए हैं।
प्रबंधन का दावा है कि बुधवार तक वेतन सभी कर्मचारियों के खाते में आ जाएगा। मंगलवार को चालक व परिचालक यूनियन ने बोर्ड मुख्यालय के बाहर गेट मीटिंग कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सुबह 10 बजे के बाद खड़ी हो जाएंगी बसें
चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर, परिचालक यूनियन के अध्यक्ष प्रीत महेंद्र, महासचिव दिपेंद्र कंवर का कहना है कि कर्मचारी अपने फैसले पर अडिग हैं। प्रबंधन का कहना है कि वेतन जारी कर दिया है। बुधवार 10 बजे तक वेतन नहीं आया तो बसों को खड़ा कर देंगे। प्रदेशभर में चालक परिचालक बसें नहीं चलाएंगे।
कर्मचारी बोले, हर महीने यही सिलसिला
कर्मचारियों का कहना है कि कई महीनों से यही सिलसिला चला हुआ है। कर्मचारियों ने बैंकों से लोन ले रखे हैं। बच्चों की स्कूल फीस है। कई कर्मचारियों के बच्चे बाहर पढ़ाई कर रहे हैं ऐसे में खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। एचआरटीसी में 12000 कर्मचारी और 7000 पेंशनर हैं। सरकार प्रतिमाह एचआरटीसी को 50 से 55 करोड़ रुपये की ग्रांट इन एड प्रदान करती है, जिसमें से 46 करोड़ रुपये वेतन पर खर्च हो जाते हैं।
निगम प्रबंधन ने वेतन जारी कर दिया है। बुधवार तक कर्मचारियों के खातों में वेतन आ जाएगा।
-डा. निपुण जिंदल, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी।
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