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HRTC हिम बस कार्ड शुल्क में स्कूली छात्रों को राहत देने की तैयारी, डिप्टी CM ने विधानसभा में दिया बड़ा बयान

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Mon, 23 Mar 2026 05:22 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों के 'हिम बस कार्ड' शुल्क में राहत देने की तैयारी है। एचआरटीसी निदेशक मंडल इस प्रस्ताव पर विचार करेगा, जिसके बाद सरकार आगे बढ़ेगी। वर्तमान में कार्ड बनाने का शुल्क प्रथम वर्ष के लिए ₹236 और नवीनीकरण का ₹177 है।

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को हिम बस कार्ड में राहत की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को हिम बस कार्ड में राहत की तैयारी है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. स्कूली विद्यार्थियों के हिम बस कार्ड शुल्क में राहत संभव।

  2. एचआरटीसी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर होगा विचार।

  3. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में दी जानकारी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के ‘हिम बस कार्ड’ बनाने पर लगने वाले शुल्क में राहत देने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को रखेगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद इस मामले में सरकार आगे बढ़ेगी।

अभी तक हिम बस कार्ड बनाने का शुल्क प्रथम वर्ष, जब कार्ड जारी किया जाता है, उस समय के लिए 200 व 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 236 रुपये का है। नवीनीकरण पर हर साल 150 व 18 प्रतिशत जीएसटी 177 वार्षिक शुल्क के रूप में लिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए इसे माफ किया जा सकता है।

सुधीर के प्रश्न पर डिप्टी सीएम ने दिया जवाब

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधायक सुधीर शर्मा के प्रश्न के उत्तर में इसकी जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी बसों में सभी रियायती एवं निश्शुल्क श्रेणियां के यात्रियों को रियायती एवं निश्शुल्क यात्रा सुविधा के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य किया गया है।

महिलाओं को छूट का नहीं विचार

महिलाओं को बस किराये में मिलने वाली छूट के लिए इस कार्ड को मुफ्त बनाने के बारे में अभी कोई मामला विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशनुसार निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च के बाद निश्शुल्क, रियायती यात्रा श्रेणियां हिम बस कार्ड योजना के तहत वैध कार्ड के बिना रियायती यात्रा सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएगी।

रियायती सफर से निगम पर 82,27,76,340 का वित्तीय भार

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी में परिचालकों के 508 पद रिक्त हैं। रोस्टर सत्यापन, पदवार श्रेणी वितरण और अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं पूर्ण होते ही अधियाचन चयन प्राधिकारी को शीघ्र प्रेषित कर दिया जाएगा। निगम की बसों में महिलाओं को किराये में दी जा रही 50 प्रतिशत रियायत योजना जारी है।

37 लाख महिलाएं हर माह हो रही लाभान्वित

प्रति माह औसतन 37,77,940 महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। वर्ष 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 4,91,13,220 महिलाओं ने इसका लाभ लिया। निगम पर महिलाओं को किराये में दी जा रही किराया रियायत के कारण 82,27,76,340 का वित्तीय भार पड़ा। जहां तक महिला यात्रियों व सार्वजनिक परिवहन उपयोग का प्रश्न है तो इसमें किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है।

जब तक 1500 नहीं मिलते, तब तक निश्शुल्क बनाएं कार्ड

सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा चुनाव में की थी। जब तक 18 वर्ष से अधिक आयु की हर महिला को यह राशि नहीं मिल जाती, तब तक महिलाओं के कार्ड मुफ्त में बनाए जाएं। इस पर उप मुख्यमंत्री ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी लोस चुनाव में 15 लाख देने की बात कही थी।

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