हिमाचल मानसून सत्र के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा, ड्रोन से होगी निगरानी; 750 जवान रहेंगे तैनात
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 12वें मानसून सत्र के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सत्र के दौरान ड्रोन से निगरानी, 750 जवान, ख ...और पढ़ें
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मानसून सत्र के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा, ड्रोन से निगरानी, आधुनिक एम्बुलेंस भी रहेगी तैनात।
HighLights
विधानसभा मानसून सत्र के लिए सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बनाई गई
ड्रोन से निगरानी, 750 जवान और आधुनिक एम्बुलेंस तैनात
सदन में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मोबाइल फोन प्रतिबंधित
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 12वें मानसून सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। 21 अगस्त से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान ड्रोन से निगरानी रख्री जाएगी और आधुनिक एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी। सुरक्षा में 750 जवानों को तैनात किया गया है खोजी कुत्ता दल के अलावा घुड्सवार दल और बम निरोधक दस्ते तैनात रहेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। अब तक सदस्यों की ओर से 406 प्रश्नों की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हो चुकी है और ये प्रश्न संबंधित विभागों को भेज दिए हैं।
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर और आसपास होने वाले धरना-प्रदर्शनों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस, दो चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ चौबीसों घंटे तैनात रहेगा। सदन के भीतर किसी भी अधिकारी, आगंतुक या मीडिया कर्मी द्वारा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही अनुमति मिलेगी। पत्रकारों और विधानसभा कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की गई है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सदन के भीतर ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
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मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों से मिलने आने वाले प्रतिनिधिमंडलों के लिए विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मुलाकात की व्यवस्था रहेगी। शुक्रवार को आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक, जिलाधीश शिमला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य, पर्यटन, लोक निर्माण, विद्युत, होमगार्ड, सूचना एवं जनसंपर्क तथा विधानसभा सचिवालय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा सदस्यों को सदन तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
सभी प्रवेश पास ऑनलाइन की अपेक्षा हस्तलिखित होंगे जारी
राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) प्रणाली पूरी तरह लागू होने तक सभी प्रवेश पास ऑनलाइन की अपेक्षा हस्तलिखित जारी किए जाएंगे। अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को अपने पहचान पत्र और पास प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे, जबकि किसी भी सरकारी पास का दूसरे व्यक्ति द्वारा उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।