शिपकी ला से चीन सीमा व्यापार: 36 वस्तुओं का होगा निर्यात, 16 व्यापारियों का दल रवाना; लौटने की टाइमिंग भी की तय
हिमाचल के किन्नौर में शिपकी ला से चीन के लिए सीमा व्यापार छह साल बाद फिर से शुरू हो गया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने 16 व्यापारियों के पहले दल को ह ...और पढ़ें
HighLights
शिपकी ला से चीन के लिए सीमा व्यापार फिर शुरू।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने 16 व्यापारियों को रवाना किया।
भारत से 36 प्रकार की वस्तुओं का निर्यात होगा।
संवाद सहयोगी, रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित शिपकी ला से चीन के लिए सीमा व्यापार शनिवार को करीब छह साल बाद औपचारिक रूप से शुरू हो गया। हिमाचल के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सीमा व्यापार को शुरू करवाकर 16 स्थानीय व्यापारियों के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर चीन अधिकृत तिब्बत के लिए रवाना किया।
16 व्यापारी ये वस्तुए लेकर गए
पहले दल में शामिल सभी 16 व्यापारी किन्नौर जिले के नमज्ञा, डूबलिंग और लियो गांव से हैं। व्यापारी अपने साथ गुड़, चावल, चाय पत्ती, चीनी, कारपेट, स्थानीय अनाज तथा बिस्कुट सहित विभिन्न वस्तुएं व्यापार के लिए लेकर गए हैं।
72 घंटे में लौटना होगा
प्रशासन के अनुसार सभी व्यापारियों की सुरक्षा जांच और पूर्ववृत्त सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली थी तथा निर्धारित नियमों के तहत उन्हें 72 घंटे के भीतर लौटना होगा।
आधुनिक ट्रेड मार्ट का उद्घाटन
हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने एक करोड़ 70 लाख रुपये से बने आधुनिक ट्रेड मार्ट का भी उद्घाटन किया।
वस्तुओं का दायरा बढ़ाने की मांग
पूह व्यापार मंडल अध्यक्ष हिशे नेगी ने मांग उठाई कि आयात-निर्यात वस्तुओं का दायरा बढ़ाया जाए। नेगी ने आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के समक्ष यह प्रस्ताव रखेंगे।
कोविड के बाद बंद हुआ था व्यापार
राजस्व मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से बंद पड़ा यह व्यापार दोबारा शुरू होना सीमावर्ती क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे स्थानीय व्यापार, रोजगार, परिवहन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने सीमा व्यापार को फिर शुरू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया।
36 प्रकार की वस्तुओं का निर्यात
भारत से चीन को 36 प्रकार की वस्तुओं के निर्यात तथा चीन से भारत में 20 प्रकार की वस्तुओं के आयात की अनुमति प्रदान की गई है। हालांकि अधिसूचित सूची में घोड़े, बकरियां और भेड़ जैसे जीवित पशुओं का भी उल्लेख है, लेकिन किन्नौर में क्वारंटीन सेंटर नहीं होने के कारण इस सत्र में उनका व्यापार संभव नहीं होगा। प्रशासन ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत क्वारंटीन सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा है।
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ये रहे मौजूद
इस मौके पर उपायुक्त किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा, एडीएम पूह रविंदर ठाकुर सहित ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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