मौत का पुल! जर्जर ब्रिज और नीचे उफनती सतलुज... कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रामपुर उपमंडल की क्याव पंचायत में सतलुज नदी पर बना लोक निर्माण विभाग का पुल बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में है, जिससे ग्रामीणों को बड़े हादसे का डर सत ...और पढ़ें

जर्जर पुल की हालत (जागरण )
HighLights
सतलुज नदी पर बना पुल बेहद जर्जर स्थिति में
पुल की नींव कमजोर, कभी भी हो सकता बड़ा हादसा
ग्रामीणों ने मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
जागरण संवाददाता, ज्यूरी। रामपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत क्याव में सतलुज नदी पर बना लोक निर्माण विभाग का पुल इन दिनों बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। पुल की हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी चिंता व्याप्त है और उन्हें किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। यह पुल वर्षों पहले सतलुज नदी में आई भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था।
नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण पुल की नींव कमजोर हो गई थी। इसके बाद से पुल लगातार जर्जर होता गया और अब एक ओर झुक चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव के लोग इसी पुल से होकर आते-जाते हैं
इस पुल से क्षेत्र के बड़बोन, पा, अन्ना, कूट, सुरू सहित आसपास के कई गांवों के लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। बरसात के दिनों में जब अन्य संपर्क सड़कें बंद हो जाती हैं, तब स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और पशुपालकों को अपने पशुओं सहित इसी जोखिम भरे पुल से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग को पत्राचार, प्रतिनिधिमंडल और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कई बार अस्थायी मरम्मत कर पुल को बचाने का प्रयास भी किया है।
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ये लोग रहे मौजूद
विजय महाटेट, मोहन मेहता, राजेश मेहता, रत्न डोगरा, एस.पी. नेगी, अश्वनी कुमार, विकी बोर्स नेगी, दिवान सिंह, छतर सिंह चौहान, फकीर चंद, राम स्वरूप और मनीराम खुराना सहित कई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से पुल के फाउंडेशन की तकनीकी जांच करवाकर जल्द मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।