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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस ने बदली रणनीति, इन नेताओं को मिला टिकट तो रोचक होगा मुकाबला

    Updated: Sun, 07 Apr 2024 11:55 AM (IST)

    Himachal Lok Sabha Election 2024 हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है। कांग्रेस शिमला व मंडी संसदीय क्षेत्र से अपने मौजूदा विधायकों को ...और पढ़ें

    स्क्रीनिंग कमेटी में कांग्रेस ने बदली रणनीति (फाइल फोटो)
    स्क्रीनिंग कमेटी में कांग्रेस ने बदली रणनीति (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, शिमला। लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2024) के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति बदल दी है। लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रदेश की चारों सीटों पर जीत की हैट्रिक लगाने का दावा ठोक रही है।

    भाजपा ने इसके लिए टिकटों का ऐलान भी मार्च महीने में कर के प्रचार अभियान को धार दे दी थी। जबकि टिकटों के फेर में उलझी कांग्रेस ने अब अचानक अपनी रणनीति बदलकर भाजपा को भी चौंका दिया है।

    मौजूदा विधायकों को चुनावी मैदान में उतारने की तैया‍री

    जानकारी के अनुसार कांग्रेस शिमला व मंडी संसदीय क्षेत्र से अपने मौजूदा विधायकों को ही चुनावी मैदान में उतारने जा रही है। हालांकि अभी टिकट पक्का नहीं हुआ है। स्क्रीनिंग कमेटी ने शिमला संसदीय सीट से विनोद सुल्तानपुरी और मंडी संसदीय क्षेत्र से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम आगे कर दिया है।

    मनोवैज्ञानिक गेम खेल रही कांग्रेस

    स्क्रीनिंग कमेटी में अचानक आए इन नामों ने सभी को चौंका दिया है। कांग्रेस ऐसा उलटफेर करके एक तरह से मनोवैज्ञानिक गेम खेल रही है। विधानसभा में कितनी सीटें हैं इसकी परवाह नहीं की जा रही है केवल जीत पर निशाना साधा गया है। राजनीति जानकारों की माने तो यदि मौजूदा विधायक जिन्हें टिकट देने की बात चल रही है। इन्हें पार्टी चुनावी मैदान में उतार देती है तो चुनावों में मुकाबला रोचक हो जाएगा।

    विरोध को भी शांत करने का प्रयास

    शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस एससी विभाग के अध्यक्ष अमित नंदा, पच्छाद से विधानसभी चुनावों में कांग्रेस की उम्मीदवार रही दयाल प्यारी और चौपाल से संबंध रखने वाले यशपाल तनाईक का नाम दौड़ में था। वहीं भाजपा से भी एक नेता को कांग्रेस में शामिल कर टिकट देने की चर्चा चली हुई थी। भाजपा नेता को टिकट देने का पार्टी में विरोध शुरू हो गया था।

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    कांग्रेस बैठक में पदाधिकारियों से चुनावों का लिया गया फीडबैक

    बैठकों में सभी नेताओं ने कहा था कि टिकट संगठन के ही किसी व्यक्ति को मिलना चाहिए। जानकारी के अनुसार शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी रोहित ठाकुर ने बीते दिनों तीन दिन तक लगातार बैठक कर पदाधिकारियों से चुनावों का फीडबैक लिया। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, पार्टी विधायक व पूर्व में प्रत्याशी रहे नेताओं से बात कर उनकी राय जानी। इसके अलावा पार्टी ने यहां पर सर्वे भी करवाया है।

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    केंद्रिय चुनाव समीति की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर

    शिमला आरक्षित सीट हैं इसलिए यहां पर जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को भी देखा गया है। जानकारी के अनुसार इसी आधार पर मौजूदा विधायक को टिकट का फैसला पार्टी ले रही है। शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। 17 में से 13 विस हल्कों में कांग्रेस के विधायक हैं। हालांकि टिकट पर अंतिम मुहर केंद्रिय चुनाव समीति की बैठक में ही लगेगी।

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    मंडी संसदीय क्षेत्र में भी प्रतिभा सिंह ने पहले चुनाव लड़ने से इंकार किया, हालांकि बाद में उन्हें पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए मना लिया था। विक्रमादित्य युवा चेहरा हैं और लोगों के बीच उनकी अच्छी पैठ है। मंडी से उन्हें प्रत्याशी बनाने से यहां पर भी मुकाबला रोचक हो जाएगा।