Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मणिमहेश यात्रा के कुप्रबंधन को छिपाने में लगा सिस्टम, जयराम ठाकुर ने मंत्री के व्यवहार और चौपर के 75 हजार वसूलने पर उठाए सवाल

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 06:43 PM (IST)

    Manimahesh yatra नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मणिमहेश यात्रा में सरकार की बदइंतजामी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के साथ सरकार की ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
    हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

    HighLights

    1. जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा |
    2. मंत्री पर बदसलूकी का आरोप |
    3. चौपर के वसूले 75 हजार रुपये |

    जागरण संवाददाता, शिमला। Manimahesh yatra, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मणिमहेश यात्रा में प्राकृतिक आपदा की वजह से श्रद्धालुओं को कठिनाई उठानी ही पड़ी, लेकिन सरकार की नाकामी की वजह से भी श्रद्धालु बहुत निराश हुए। वहां पांच दिन लोग फंसे रहे लेकिन सरकार की तरफ से आपदा की व्यापकता के हिसाब से कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

    मुख्यमंत्री बिहार में बिना चुनाव ही चुनावी यात्रा में व्यस्त रहे। विपक्ष के विरोध और देश भर में हो रही फजीहत के बाद वह चंबा तो गए लेकिन वहां भी उन्होंने सिर्फ खाना पूर्ति कर वापसी कर ली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह भरमौर से वापस लौट आए। जहां हद से ज्यादा नुकसान हुआ है और जहां मणिमहेश यात्रा के ज्यादातर श्रद्धालु फंसे हैं, उन क्षेत्रों का का सर्वेक्षण भी नहीं किया।

    जहां तक सड़के हैं, वहीं से वह वापस आ गए। मणि महेश यात्रा के हादसे के बारे में सरकार बहुत कुछ छुपा रही है। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार बताया जा रहा है कि उनके सामने ही लोग बह गए हैं। लेकिन सरकार उन आरोपों को झूठला रही है।

    मंत्री के रवैये पर उठाए सवाल

    जयराम ठाकुर ने कहा कि जिम्मेदार मंत्री वहां जाकर भी श्रद्धालुओं से बहस करने में व्यस्त हैं। सरकार की नाकामी से त्रस्त लोग जब मंत्री से सवाल पूछ रहे हैं तो मंत्री उनसे पूछ रहे हैं कि उन्हें किसने बुलाया था। मंत्री पर इस तरीके के आरोप लगना बहुत शर्मनाक है। क्या आपदा ग्रस्त लोगों से इस तरीके की भाषा का इस्तेमाल और बर्ताव किया जाना चाहिए। क्या इसी तरीके से हिंदू श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई जाएगी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Himachal Rain: हिमाचल में अगस्त में सामान्य से 72 प्रतिशत अधिक वर्षा ने मचाई तबाही, ऊना में टूटे सारे रिकॉर्ड

    श्रद्धालुओं से चौपर के वसूले 75 हजार रुपये

    जयराम ठाकुर ने कहा कि इतनी बड़ी यात्रा में हुई त्रासदी के बीच लोगों को सरकार द्वारा उनके हाल पर छोड़ दिया गया। चौपर द्वारा पांच लोगों को चंबा पहुंचने के लिए 75 हजार रुपये वसूले गए। आपदा को अवसर बनाने वाले लोगों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। सरकार लोगों को रेस्क्यू करने के झूठे आंकड़े दे रही है। अभी भी वहां लोग हजारों की संख्या में लोग फंसे हुए हैं। उनका क्या हाल है और जो लोग फंसे हैं उनके परिवार की क्या स्थिति है इसका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है।

    यह भी पढ़ें- 'मणिमहेश झील की तरफ से आया सैलाब देख कांप गई रूह' ...हड़सर में लंगर का मिटा नामोनिशान, श्रद्धालुओं ने सुनाई आपबीती