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    Himachal Weather: हिमाचल के 7 जिलों में मानसून की दस्तक, 2 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:46 AM (IST)

    दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में दस्तक दे दी है, जिसके बाद 2 से 4 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। ...और पढ़ें

    सात जिलों में पहुंचा मानसून, कल से भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी (प्रतीकात्मक फोटो)

    सात जिलों में पहुंचा मानसून, कल से भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. मानसून ने हिमाचल के सात जिलों में प्रवेश किया।

    2. कल से भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी।

    3. मंडी में टमाटर की फसल को भारी नुकसान हुआ।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को प्रदेश के सात जिलों में दस्तक दे दी। हालांकि प्रदेश में सामान्य तौर पर 25 जून तक मानसून पहुंचता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, मानसून ने किन्नौर, कुल्लू, लाहुल स्पीति, शिमला व मंडी के अधिकांश हिस्सों, जबकि सिरमौर और कांगड़ा जिले के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है।

    मानसून पहुंचने के साथ ही मंडी जिले के कुछ स्थानों पर हुई भारी वर्षा के कारण काफी नुकसान हुआ है। इससे कई स्थानों पर टमाटर की फसल खराब हो गई है। इसके अलावा बल्ह सहित कई स्थानों पर खेतों व सड़कों पर जलभराव हुआ है।

    मंडी जिले के गोहर में 55, मंडी में 45.6, बिलासपुर के बरठीं में 43, कांगड़ा में 31 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, एक से चार जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होगी। दो से चार जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

    40 से 50 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान

    इस दौरान 40 से 50 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। दो जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिले के लिए आरेंज अलर्ट रहेगा। तीन जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर तथा चार जुलाई को शिमला सहित कई जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

    खबरें और भी

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा से नालों और खड्डों का जलस्तर बढ़ सकता है, भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़कें बाधित होने तथा निचले क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं। तेज हवाओं और बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति तथा फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

    ऐसे में लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के पास न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

    बल्ह घाटी के कंसा चौक-कुम्मी मार्ग पर जलभराव

    मंडी की बल्ह घाटी के कंसा चौक-कुम्मी मार्ग पर वर्षा के बाद हुआ जलभराव। इससे वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा l 7.8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिन का तापमान दिन के तापमान में 7.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है।

    प्रदेश में अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट मंडी में 7.8, जबकि बाकी स्थानों पर दो डिग्री सेल्सियस तक की आई है। जबकि न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस का अंतर आया है। कुछ स्थानों पर गिरावट और कुछ स्थानों पर वृद्धि दर्ज की गई है।

    पुलिया बहने से फंसी बरात व पर्यटकों को बीआरओ ने निकाला

    लाहुल के जाहलमा नाले में बाढ़ में पुलिया बहने से फंसी बरात व पर्यटकों को बीआरओ ने लोहे की चादर बिछाकर सुरक्षित निकाला। बराती कुल्लू की लगवैली से दुल्हन लेकर लाहुल के हिंसा गांव पहुंचे। लाहुल में सोमवार को तीन जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। स्थिति को देखते हुए बीआरओ ने राहत कार्य तेज करते हुए नाले पर पैदल आवाजाही के लिए अस्थायी व्यवस्था की है।