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    पंजाब से हिमाचल को जोड़ने वाला 172 KM हाईवे NHAI के अधीन, अब शेष हिस्से का भी होगा विस्तारीकरण कार्य

    By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 11 May 2026 06:17 AM (GMT+05:30)

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पंजाब से हिमाचल को जोड़ने वाले 172 किमी लंबे NH-154 को अपने अधीन ले लिया है। इससे शेष 50 किमी हिस्से का ...और पढ़ें

    हिमाचल को पंजाब से जोड़ने वाला हाईवे अब एनएचएआई के अधीन हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल को पंजाब से जोड़ने वाला हाईवे अब एनएचएआई के अधीन हो गया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. NHAI ने 172 किमी NH-154 को अपने अधीन लिया।

    2. पंजाब-हिमाचल आवागमन होगा अधिक सुगम और सुरक्षित।

    3. शेष 50 किमी सड़क का होगा डबल लेन विस्तारीकरण।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश को पंजाब से जोड़ने वाला हाईवे एनएचएआई के अधीन आएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पंजाब के चक्की से हिमाचल के भरमौर तक 172 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-154 को औपचारिक रूप से अपने अधीन ले लिया है। लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग से यह सड़क एनएचएआइ के पास आने के बाद शेष 50 किमी हिस्से को डबल लेन करने का कार्य होगा। 

    शेष 122 किमी सड़क को डबल लेनिंग करने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इस संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पंजाब में चक्की धार के निकट से शुरू होने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग को एनएचएआइ के अधीन करने की अधिसूचना जारी की गई है। यह बनीखेत, चंबा को जोड़ते हुए भरमौर तक पहुंचता है।

    सुगम होगा आवागमन

    इससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा। धार के निकट अपने जंक्शन से आगे बढ़ते हुए बनीखेत और चंबा को जोड़ते हुए यह सड़क डबल लेन होकर चंबा जिले के भरमौर तक पहुंचेगी। इस मार्ग पर अधिकांश स्थानों पर सड़क को डबल लेनिंग करने का कार्य पूरा हो चुका है। 

    दाड़लाघाट से शिमला एनएच हिमाचल को दिया

    एनएच-205 के दाड़लाघाट से शिमला तक करीब 48 किमी सड़क को एनएचएआइ ने प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग को सौंप दिया है। इस सड़क की मरम्मत करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 34 करोड़ रुपये मिले हैं और उससे मरम्मत कार्य चल रहा है। शालाघाट से शिमला तक फोरलेन का निर्माण नए अधिग्रहण होने वाले क्षेत्र में होगा। 

    लोक निर्माण विभाग के पास जो एनएच हैं, उनकी मरम्मत पर होने वाला खर्च तेजी से बढ़ते हुए दोगुना हो गया है। ऐसे में प्रदेश सरकार के लिए अपने संसाधनों से मरम्मत करना संभव नहीं था। इस सड़क की डबल लेनिंग होने से यातायात सुरक्षित होगा और साथ में दूरी कम होगी और समय भी कम लगेगा। हमने प्रदेश में एनएच की मरम्मत के लिए केंद्रीय मंत्रालय से अग्रिम बजट देने की मांग रखी है। उसी का परिणाम है कि एनएच-205 की मरम्मत 34 करोड़ से की जा रही है। 
    -विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री। 

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