यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिमला आने वाला हर सैलानी देगा अब पर्यावरण का संदेश, वातावरण को साफ रखने के लिए शुरू की जा रही ये नई पहल
Tourism in Shimla राजधानी शिमला में आने वाले सैलानी अब पर्यावरण का संदेश भी देंगे । नगर निगम शिमला ने शहर में आने वाले हर सैलानी को प्लास्टिक की बजाय ...और पढ़ें

शिमला, जागरण संवाददाता। Tourism in Shimla: राजधानी शिमला में आने वाले सैलानी अब पर्यावरण का संदेश (Environment Message) भी देंगे । नगर निगम शिमला ने शहर में आने वाले हर सैलानी को प्लास्टिक की बजाय कागज या कपड़े का थैला देने की योजना बनाई है। इसे राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।
प्लास्टिक मुक्त कर पर्यावरण को किया जा सकता है साफ
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इस बार नवरात्रों में जो पर्यटन सीजन शुरू होगा, उसमें इसे लागू किया जा सकता है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि शहर के पर्यावरण को साफ बनाने के लिए और शहर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त करने के लिए यह नई पहल की है।
हिमाचल में पॉलिथीन पर बैन
राजधानी शिमला सहित पूरे हिमाचल में पहले ही पॉलिथीन पर पहले से प्रतिबंध है। पर्यटन स्थल होने के नाते यहां पर सैलानी काफी संख्या में आते हैं। वे अपने साथ काफी मात्रा में प्लास्टिक के बैग भी लाते हैं। इसे कैसे भविष्य में खत्म किया जा सकता है। इस पर निगम प्रशासन लगातार ही काम कर रहा था।
सैलानियों को दिए जाएंगे कपड़े और कागज के बैग
अब मेयर के आदेशों के साथ साफ है कि इस दिशा में काफी जल्दी से काम होगा। सैलानी शहर में बाहर से पॉलिथीन लाते हैं, उनके जाने के बाद ये शहर में छूट जाता है। इसलिए पॉलिथीन को पूरी तरह से खत्म करने के लिए शहर में के हर एंट्री पॉइंट में सैलानियों को कपड़े और कागज के बैग दिए जाएंगे। उन्हें बिना बैग के परेशानी न हो। साथ ही पर्यावरण को भी बचाया जा सके।
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पिछले साल आए थे दो करोड़ से ज्यादा सैलानी
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शहर में 2022 के ही सैलानियों क आंकड़े पर गौर करें तो शहर में पिछले साल 2 करोड़ 56 लाख 5 हजार 269 सैलानी शिमला घूमने के लिए आए थे। इसके अलावा 10 हजार 998 विदेशी सैलानी भी शिमला पहुंचे थे। पड़ोसी राज्यों में पॉलिथीन पर रोक नहीं हैं। सैलानी खुलकर इनका इस्तेमाल करते हैं। शहर में इसका प्रयोग न हो, इसलिए ये पहल शुरू की है।
विकास के साथ शहर के पर्यावरण को बचाना प्राथमिकता: चौहान
सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर की एक पर्यावरण को बचाना विकास के साथ पहली प्राथमिकता में है। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार से इसकी मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए जितने भी बड़े कारोबारी घरैाने हैं। उनसे भी आग्रह किया जाएगा ताकि वह इस काम में कुछ वित्तीय मदद मुहैया करवाए।