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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'जाति के नाम पर कुछ ताकतें कर रहीं देश को बांटने कोशिश', जातिगत जनगणना पर बोले हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 11:43 AM (IST)

    Caste Census बिहार से उठी जातिगत जनगणना की चिंगारी पूरे देश में फेल गई है। कांग्रेस ने अपने शासित राज्य में जातिगत जनगणना कराने का फैसला लिया है। वह ...और पढ़ें

    जातिगत जनगणना पर बोले हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप
    जातिगत जनगणना पर बोले हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप

    HighLights

    1. जातिगत जनगणना पर बोले हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप
    2. राज्यपाल ने कहा कि जाति के नाम पर कुछ ताकतें कर रहीं देश को बांटने कोशिश
    3. राज्यपाल ने कहा कि समाज को बांटकर कभी-भी लोकतंत्र को सशक्त नहीं किया जा सकता है।

    ऑनलाइन डेस्‍क, शिमला। Caste Census: बिहार से उठी जातिगत जनगणना की चिंगारी पूरे देश में फेल गई है। पूरे देश में जातिगत जनगणना को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

    कांग्रेस इसका समर्थन कर रही है तो वहीं बीजेपी इसके विरोध में है। वहीं, अब इस मामले में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश की कुछ ताकतें जाति के नाम पर देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं।

    जातिगत जनगणना पर राज्यपाल शिव प्रताप ने क्या कहा?

    दरअसल, दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस ने फैसला किया कि देश में जहां-जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां पर पार्टी जातिगत जनगणना कराएगी। इसी संबंध में राज्यपाल ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए निशाना साधा है और जातिगत जनगणना का विरोध किया है।

    उन्‍होंने इस मुद्दे पर समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए कहा कि वे 'दाम बांधो, जाति तोड़ो' की बात किया करते थे। जिसके बाद उन्होंने सिकंदर का उदाहरण देते हुए भी समझाया कि जातिगत जनगणना देश के लिए किस प्रकार नुकसान दायक है।

    राज्यपाल ने सिकंदर का क्यों किया जिक्र?

    राज्यपाल ने कहा कि सिकंदर जिस समय भारत आया था तो उसने देखा था कि सैनिकों के चूल्हे अलग-अलग जल रहे हैं। जिसके बाद सिंकदर ने सैनिक से सवाल करते हुए पूछा था कि ऐसा क्यों हो रहा है? सैनिक ने सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि यहां अलग-अलग जातियों के चूल्हे अलग-अलग हैं।

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    इस पर सिकंदर ने कहा कि मेरी को वैसी ही जीत तो हो गई क्योंकि यह लोग आपस में ही बंटे हुए हैं, तो ऐसे में ये मुझसे क्या युद्ध करेंगे? राज्यपाल ने कहा कि समाज को बांटकर कभी-भी लोकतंत्र को सशक्त नहीं किया जा सकता है। हमें समाज को जोड़ने की जरुरत है।

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    'देश को तोड़ने की हो रही कोशिश'

    राज्यपाल ने कहा कि जो राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि दाम बांधो, जाति तोड़ो हमें उसी को सशक्त करने की जरुरत है। आज देश में महंगाई कम हो रही है। जीडीपी लगातार बढ़ रही है।

    इस अमृत काल के दौरान दुनिया की नजर भारत और यहां रहने वाले कुछ लोगों पर टिकी है। देश को तोड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन, भारत में रहने वाले ही कुछ लोग भारत को तोड़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने पूरी तरह से जातिगत जनगणना का समर्थन करने वाले लोगों की निंदा की।

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