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    हिमाचल के लोग हो जाएं सावधान! खतरे से खाली नहीं है आज और कल का दिन; घरों से बाहर न निकलने की सलाह

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 20 व 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू व सिरमौर में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है, जो इस सीजन क ...और पढ़ें

    हिमाचल में 20-21 जुलाई को भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी।

    हिमाचल में 20-21 जुलाई को भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी।

    HighLights

    1. चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर में रेड अलर्ट

    2. बाढ़, भूस्खलन, सड़क-बिजली ठप होने का गंभीर खतरा

    3. लोगों को घरों में रहने, यात्रा टालने की सलाह

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग में हल्का का हिमपात हुआ है। बीते चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश में चंबा के चुवाड़ी में सबसे अधिक 176 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो अभी तक की सीजन में सबसे अधिक बताई जा रही है। धर्मशाला में 87 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। 

    जो बीते चौबीस घंटों के दौरान जुलाई माह में 6 जुलाई 2024 के बाद सबसे अधिक बताई जा रही है। 2025 में 61.6 मिलीमीटर जबकि 6 जुलाई 2024 को चौबीस घंटों के दौरान 224 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वरा जरी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 20 व 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू व सिरमौर में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस सीजन में पहली बार रेड अलर्ट जारी किया गया है।

    दो दिन अत्यधिक भारी वर्षा से बड़े पैमाने पर बाढ़, भूस्खलन, नदी-नालों का उफान, सड़क और बिजली व्यवस्था ठप होने तथा जान-माल के नुकसान का गंभीर खतरा बताया गया है। लोगों को घरों में रहने, यात्रा पूरी तरह टालने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। भारी वर्षा प्रदेश के सभी क्षेत्रों में होने का अनुमान है। ऊना, हमीरपुर और शिमला में भारी से भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

    प्रदेश में जुलाई माह में अभी तक 143 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 2 प्रतिशत कम है। प्रदेश में सबसे अण्धिक वर्षा सिरमौर मं करीब 290 मिलीमीटर जो सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। जबकि कांगउ़ा में 288 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। किन्नौर में करीब 63 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।

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    शिमला में करीब 160 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान दिन के तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट ताबो में 4.9 डिग्री की आई है जिससे 28.6 डिग्री दर्ज किया गया। ऊना में 3.2 डिग्री की गिररावट के साथ 34 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश्स में सबसे अधिक तापमान हमीरपुर में 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आई है।

    आखिर क्या है रेड अलर्ट

    भारतीय मौसम विभाग मौसम की गंभीरता के आधार पर येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करता है ताकि लोग और प्रशासन समय रहते सतर्क हो सकें। यलो अलर्ट का मतलब भारी वर्षा व खराब मौसम के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। ऑरेंज अलर्ट गंभीर मौसम की चेतावनी है। बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

    प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है। रेड अलर्ट सबसे उच्च स्तर की चेतावनी है। अत्यधिक भारी वर्षा से बड़े पैमाने पर बाढ़, भूस्खलन, नदी-नालों का उफान, सड़क और बिजली व्यवस्था ठप होने तथा जान-माल के नुकसान का गंभीर खतरा रहता है। लोगों को घरों में रहने, यात्रा पूरी तरह टालने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।