शिमला स्कूल बस हादसे में घायल छात्र की IGMC में मौत, पिता ने जिगर के टुकड़े का अंगदान का लिया निर्णय; ताकि बच सके कोई जान
शिमला के देवत में हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र हार्दिक चौहान का आईजीएमसी में निधन हो ...और पढ़ें

शिमला में स्कूल वाहन हादसे में बच्चे की मौत के बाद पिता ने उसके अंगदान का निर्णय लिया। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
शिमला बस हादसे में घायल छात्र हार्दिक चौहान का निधन।
बेटे की मौत के बाद पिता ने अंगदान का लिया निर्णय।
कागजी औपचारिकताओं के कारण अंगदान प्रक्रिया पूरी न हो सकी।
संवाद सूत्र, नेरवा (शिमला)। हिमाचल प्रदेश के शिमला में बीते सप्ताह देवत में हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल छात्र हार्दिक चौहान ने आईजीएमसी में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद से हार्दिक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। उसे सिविल अस्पताल चौपाल में उपचार प्रदान करने के बाद शिमला रेफर कर दिया गया था।
बता दें कि स्कूल वाहन दुर्घटना में एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य बच्चे घायल हुए थे। बाकी बच्चों में हार्दिक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
ताकि जरूरतमंद की जान बच सके
दुख की इस घड़ी में हार्दिक के पिता ने अंगदान का निर्णय लिया। मानवता की मिसाल के साथ इस कदम के पीछे एक बड़ा दर्द भी छिपा थाा। बेटे को खोने के बावजूद उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया, ताकि हार्दिक के अंग किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में काम आ सकें। पिता के इस निर्णय को क्षेत्र में संवेदनशील और प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मंजूरी के फेर में नहीं हुआ अंगदान
हालांकि इस सब के बीच मंजूरी के फेर में अंगदान नहीं हो पाया। कागजी औपचारिकताओं के बीच 12 घंटे बीत गए, इस कारण अंगदान नहीं हो पाया। बताया जा रहा है बच्चे का निधन रात को हो गया था, सुबह अधिकारियों के पहुंचने और औपचारिकताएं पूरी करते समय बीत गया।
