दो महीने बाद भी शिमला में नहीं पकड़ी सेब सीजन ने रफ्तार, मंडियों में कम पहुंची फसल
शिमला में सेब सीजन शुरू हुए दो महीने हो गए हैं, लेकिन आवक धीमी है, अब तक करीब 51.03 लाख पेटियां ही पहुंची हैं।
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शिमला में सेब सीजन की धीमी रफ्तार।
HighLights
शिमला में सेब सीजन की रफ्तार अभी धीमी है
दो महीने में 51.03 लाख पेटियों की आवक हुई
पराला मंडी में सबसे अधिक सेब पहुंचा है
जागरण संवाददाता, शिमला। शिमला जिले में सेब सीजन शुरू हुए करीब दो महीने का समय बीत चुका है, लेकिन इस बार सीजन अभी तक पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।
जिले की विभिन्न मंडियों और चेक पोस्टों पर अब तक करीब 51.03 लाख पेटियों के बराबर सेब की आवक दर्ज की गई है। हालांकि सीजन आगे बढ़ने के साथ आवक में तेजी आने की उम्मीद है।
एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार शिमला और किन्नौर क्षेत्र की प्रमुख मंडियों में पराला मंडी में सबसे अधिक सेब पहुंचा है। यहां करीब 11.47 लाख पेटियों के बराबर सेब की आवक दर्ज की गई है।
इसके बाद मेहंदली मंडी में करीब 6.87 लाख, भट्टाकुफर में 4.88 लाख, शिलारू में 2.09 लाख, नेरवा में करीब 51 हजार और अन्नू में करीब 33 हजार पेटियों के बराबर सेब पहुंचा है।
खड़ापत्थर में आवक करीब 1170 पेटी रही। एपीएमसी के आंकड़ों में मंडियों के अलावा शोघी, अंतरा वाली और नेरीपुल समेत अन्य चेक पोस्टों से बाहर निकले सेब की मात्रा भी दर्ज की गई है।
बाहर की मंडियों में भेजे गए सेब की मात्रा करीब 24.17 लाख पेटियों के बराबर रही। इस बार मौसम की परिस्थितियों और फसल के अलग-अलग समय पर तैयार होने के कारण सेब सीजन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है।
बागवानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब की आवक बढ़ेगी और मंडियों में कारोबार में तेजी आएगी। भट्टाकुफर मंडी में इन दिनों रोजाना 12 हजार पेटी मंडी में पहुंच रही है , पिछले साल इन दिनों मंडी में 17 से 18 हजार पेटी मंडी में पहुंचती थी।
इस साल सेब की फसल बहुत ज्यादा कम है। इसके कारण मंडी में भी कम ही फसल पहुंच रही है। बागवान कम फसल होने के कारण नजदीक की मंडी में अपनी फसल को बेच रहें है।
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