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    Shimla News: अनजान कॉल रिसीव करते ही खाते से 10 लाख गायब, अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग को आया मैसेज तो उड़े होश

    By Rohit Sharma Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 31 Jan 2026 05:11 PM (IST)

    शिमला में एक बुजुर्ग व्यक्ति अज्ञात फोन कॉल के बाद साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गया। 69 वर्षीय चुन्नी लाल शर्मा के पंजाब नेशनल बैंक खाते से बिना ओटीपी य ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में बुजुर्ग से 10 लाख रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में बुजुर्ग से 10 लाख रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. शिमला में अज्ञात कॉल से बुजुर्ग के खाते से 10 लाख ठगे।

    2. पीड़ित अस्पताल में भर्ती था, कोई ओटीपी साझा नहीं किया।

    3. पुलिस जांच कर रही, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अज्ञात फोन कॉल रिसीव करने पर एक व्यक्ति धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। पीड़ित व्यक्ति को न कोई ओटीपी आया और न ही उसने किसी से पिन और पासवर्ड शेयर किया। इसके बावजूद उसके खाते से 10 लाख रुपये गायब हो गए।

    शिमला के संजौली में रहने वाले सुन्नी के व्यक्ति के साथ यह मामला पेश आया है। पीड़ित ने छोटा शिमला थाने के तहत आने वाली कसुम्पटी चौकी में यह मामला दर्ज करवाया है। 

    सुन्नी निवासी बुजुर्ग से ठगी

    यह शिकायत 69 वर्षीय चुन्नी लाल शर्मा पुत्र स्वर्गीय बालकृष्ण शर्मा ने दर्ज करवाई है, जो मूल रूप से गांव सनौ, डाकघर देवला, तहसील सुन्नी, जिला शिमला के निवासी हैं और वर्तमान में तारा चंद बिल्डिंग, सांगटी, संजौली, शिमला में रह रहे हैं।

    बैंक खाते से दो बार हुई अवैध निकासी

    शिकायतकर्ता के अनुसार 3 जनवरी को जब वह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती थे, उसी दौरान उनके पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) खाते से दो बार में बड़ी राशि की अवैध निकासी की गई। पहली बार 5 लाख रुपये और दूसरी बार 4,99,999 की राशि उनके खाते से निकल गई।

    शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पिन नंबर या पासवर्ड साझा नहीं किया था, न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था।

    अस्पताल में उपचाराधीन थे बुजुर्ग, नहीं किया कोई लेनदेन

    चुन्नी लाल शर्मा ने बताया कि जब उन्हें खाते से राशि निकलने की जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उस समय वे स्वयं अस्पताल में थे और किसी भी प्रकार का ऑनलाइन या बैंकिंग लेनदेन उन्होंने नहीं किया था।

    पुलिस द्वारा बैंक खातों के लेनदेन, कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। 

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    पुलिस ने सतर्क रहने की दी सलाह

    पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें, किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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