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    शिमला DC के नाम से आया है कोई वाट्सएप मैसेज तो हो जाएं सतर्क, साइबर ठगों ने बनाई फर्जी प्रोफाइल; कई लोगों से की चैट

    By Narveda Kaundal Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 19 Nov 2025 06:37 PM (IST)

    शिमला में साइबर अपराधियों ने डीसी अनुपम कश्यप के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क किया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. डीसी शिमला के नाम से फर्जी प्रोफाइल

    2. व्हाट्सएप पर लोगों से संपर्क

    3. वित्तीय ठगी की आशंका

    जागरण संवाददाता, शिमला। ऊंचे पदों पर तैनात अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा करने वाले साइबर अपराधी अब हिमाचल में भी सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में शिमला जिला प्रशासन के नाम पर एक गंभीर मामला सामने आया है। 

    किसी अज्ञात व्यक्ति ने डीसी शिमला अनुपम कश्यप के नाम और फोटो का दुरुपयोग करते हुए वाट्सएप पर फर्जी प्रोफ़ाइल तैयार कर लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

    बुधवार को डिप्टी कमिश्नर ऑफिस, शिमला की ओर से यह शिकायत आधिकारिक रूप से एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी को भेजी गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल नंबर  84 81 2739070 से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अधिकारी की फोटो और नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

    शिकायत में बताया गया कि यह व्यक्ति विभिन्न लोगों से संपर्क कर स्वयं को आईएएस अधिकारी बताकर बातचीत कर रहा है, जिससे न केवल गलतफहमी फैल सकती है, बल्कि वित्तीय ठगी या अन्य गंभीर अपराध की आशंका भी बढ़ जाती है।

    अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर बड़ी ठगी की फिराक में था शातिर

    डिप्टी कमिश्नर ऑफिस की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि “यह मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि किसी सार्वजनिक अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर कोई भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। साइबर सेल को निर्देशित किया जाए कि वह इस नंबर की पहचान कर आरोपित के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे।” शातिर बड़ी ठगी की फिराक में था।

    प्रोफाइल और चैट के स्क्रीनशॉट भी शिकायत में संलग्न

    सूत्रों के अनुसार शिकायत के साथ फर्जी वाट्सएप प्रोफ़ाइल और चैट का स्क्रीनशॉट भी संलग्न किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपित अधिकारी की पहचान को गलत तरीके से उपयोग कर रहा है। प्रशासन ने इसे तत्काल खतरे की श्रेणी में रखते हुए कहा है कि मामला न सिर्फ छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी प्रभावित कर सकता है।

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    ऐसा संदेश आया तो तुरंत पुलिस को सूचित करें

    उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को ऐसे किसी संदेश की प्राप्ति हुई है, तो वह तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दर्ज करे ताकि आरोपित के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जा सके।

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