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    हिमाचल सेब सीजन: शिमला में ढुलाई की दरें तय, ज्यादा भाड़ा वसूला तो कानूनी कार्रवाई करेगा प्रशासन

    By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 02:31 PM (IST)

    शिमला जिला प्रशासन ने सेब सीजन 2026 के लिए ढुलाई दरें निर्धारित की हैं। तय दरों से अधिक शुल्क लेने पर ऑपरेटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी, जिससे कि ...और पढ़ें

    शिमला में सेब ढुलाई की दरें तय कर दी गई हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    शिमला में सेब ढुलाई की दरें तय कर दी गई हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. शिमला प्रशासन ने 2026 के लिए सेब ढुलाई दरें निर्धारित कीं।

    2. तय दरों से अधिक शुल्क लेने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

    3. दिल्ली, चंडीगढ़ और स्थानीय मार्गों के लिए दरें घोषित।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के दौरान किसानों से मनमाना परिवहन शुल्क वसूलने पर अब सख्ती होगी। जिला प्रशासन शिमला ने वर्ष 2026 के लिए सेब ढुलाई की दरें निर्धारित कर दी हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि तय दरों से अधिक शुल्क वसूलने वाले ट्रक, मिनी ट्रक और पिकअप ऑपरेटर यूनियनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ट्रक का दिल्ली तक का भाड़ा

    जारी अधिसूचना के अनुसार दिल्ली तक ट्रक और अन्य वाहनों के लिए ढुलाई दर 95 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल, चंडीगढ़ तक 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल तय की गई है। 

    पिकअप ट्राला का भाड़ा

    वहीं, पिकअप (चार पहिया) से 20 किलोमीटर तक 2.30 रुपये तथा 20 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। आयशर (टाटा-407) श्रेणी के चार पहिया वाहनों के लिए 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल की दर लागू होगी।

    डीसी शिमला की चेतावनी

    उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सभी परिवहन ऑपरेटरों को निर्धारित दरों का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि सेब उत्पादकों को किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई ऑपरेटर या यूनियन तय दरों से अधिक किराया वसूलती पाई गई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन का कहना है कि हर वर्ष सेब सीजन में ढुलाई को लेकर विवाद और अधिक किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती हैं। इन्हें रोकने और किसानों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से इस बार पहले ही परिवहन दरें अधिसूचित कर दी गई हैं।

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