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    शिमला-कालका ट्रैक पर नए साल के लिए सभी ट्रेन बुक, स्पेशल गाड़ी शुरू करने की तैयारी; सर्दी में क्यों भाता है पहाड़ों का सफर?

    By Shikha Verma Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 14 Dec 2025 05:31 PM (IST)

    शिमला में नए साल का स्वागत करने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते शिमला-कालका रेल मार्ग पर सभी ट्रेनें बुक हो चुकी हैं। कालका से शि ...और पढ़ें

    शिमला कालका ट्रैक पर गुजरती ट्रेन का फाइल फोटो।

    शिमला कालका ट्रैक पर गुजरती ट्रेन का फाइल फोटो।

    HighLights

    1. शिमला में नए साल के स्वागत के लिए पर्यटकों की भीड़

    2. शिमला-कालका रेल मार्ग पर सभी ट्रेनें बुक

    3. 20 दिसंबर के बाद विशेष ट्रेनें चलाने की योजना

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नए साल का स्वागत करने के लिए हजारों सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी हजारों सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है। सैलानियों ने शिमला आने के लिए ट्रेन में पहले से ही एडवांस में बुकिंग की है।

    31 दिसंबर तक सभी ट्रेन बुक

    31 दिसंबर तक सभी ट्रेन बुक हैं। इन दिनों भी कालका से शिमला के लिए आ रही सभी ट्रेन पैक होकर आ रही हैं। कालका से शिमला के लिए रोजाना पांच ट्रेनें आ रही हैं, इतनी ही वापस जाती हैं।

    सर्दी में बढ़ जाता है रेल यात्रा का आकर्षण

    पहाड़ी रेल यात्रा का आकर्षण हर साल सर्दियों में और ज्यादा हो जाता है। चारों ओर धुंध और ठंडी हवाओं के बीच ट्रेन पहाड़ों को चीरती हुई आती है। पर्यटक इस नजारे को बहुत ज्यादा पसंद करते है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक इस मौसम में शिमला पहुंच रहे हैं। 

    20 दिसंबर के बाद चल सकती है स्पेशल गाड़ी 

    20 दिसंबर के बाद विशेष ट्रेन भी शुरू हो सकती है। इसके लिए रेलवे विभाग के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन अब तक रेलवे विभाग  की ओर से इसकी अंतिम मंजरी नहीं मिली है। विस्टाडोम का किराया 630 और शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस में 510 रुपये है। कालका से शिमला के बीच साधारण किराया 50 रुपये है। 

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    103 सुरंगें बनाती हैं सफर रोमांचक 

    कालका-शिमला रेल मार्ग पर स्थित 103 सुरंगें पर्यटकों के सफर को काफी रोमांचक बना देती हैं। अधिकतर पर्यटक पारदर्शी डिब्बों में वादियों को निहारते हुए शिमला आना चाहते हैं। हालांकि रेलगाड़ी से शिमला पहुंचने के लिए बस व निजी वाहन से दोगुना समय लगता है, लेकिन पर्यटक रेलगाड़ी के सफर को अधिक पसंद कर रहे हैं। सड़कों पर यातायात जाम और खुद वाहन चलाने की थकान से बचने के लिए भी पर्यटक रेलगाड़ी को प्राथमिकता देते हैं। करीब 96 किलोमीटर लंबे शिमला-कालका रेलमार्ग पर पांच रेलगाड़ी चलती हैं।

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