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शिमला शहर में गरीबों को मिलेगा अपना आशियाना, नगर निगम ढली में करेगा 100 से अधिक आवास का निर्माण

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 22 Jul 2026 06:46 AM (IST)

नगर निगम शिमला ने ढली क्षेत्र में आवास योजना के तहत 100 से अधिक आवासों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार ...और पढ़ें

शिमला शहर में गरीबों को भी आशियाना मिलेगा। प्रतीकात्मक फोटो

शिमला शहर में गरीबों को भी आशियाना मिलेगा। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. ढली में 100 से अधिक आवासों का प्रस्ताव तैयार।

  2. राजीव गांधी आवास योजना के तहत होगा निर्माण।

  3. गरीब और बेघर परिवारों को मिलेगा स्थायी आशियाना।

जागरण संवाददाता, शिमला। शहर के आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को अपना आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम शिमला ने एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने ढली क्षेत्र में राजीव गांधी आवास योजना के तहत 100 से अधिक आवासों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। भूमि का चयन किए जाने के बाद अब परियोजना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि आगामी चरण में निर्माण कार्य शुरू करवाया जा सके।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना शहरी गरीब परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के साथ ही संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

100 से अधिक को मिलेगा आवास

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद योजना को धरातल पर उतारा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर शहर के 100 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपना घर मिल सकेगा। इससे लंबे समय से किराये के मकानों या अस्थायी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गरीब परिवारों के आवास है बढ़ी चुनौती

नगर निगम का मानना है कि बढ़ती आबादी और महंगी होती जमीन के बीच गरीब परिवारों के लिए आवास उपलब्ध करवाना बड़ी चुनौती है, जिसे इस योजना के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। 

यहां बनाए गए हैं आवास

नगर निगम इससे पहले भी राजीव गांधी आवास योजना के तहत कृष्णानगर और ढली क्षेत्र में शहरी गरीबों के लिए आवासों का निर्माण कर चुका है। अब योजना के दूसरे चरण में ढली में नए आवास विकसित करने की तैयारी की जा रही है। परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित किए जाने के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है।

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