शिमला के युवक ने नशा तस्करी से जुटाई लाखों की अवैध संपत्ति, पुलिस ने लग्जरी कार समेत कैश भी जब्त किया
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित लाखों रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है, जिसमें एक लग्जरी कार और नकदी शामिल है। यह कार्रवाई रोहड़ू में 83 ग्राम हेर ...और पढ़ें

शिमला पुलिस ने नशा तस्कर की लग्जरी कार और अन्य संपत्ति जब्त की है। (फोटो एआई से बनाया है)
HighLights
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित 17 लाख की संपत्ति जब्त की।
आरोपी शुभम दरकाल ने अवैध धन से लग्जरी कार खरीदी थी।
यह कार्रवाई रोहड़ू हेरोइन बरामदगी मामले की वित्तीय जांच पर।
जागरण संवाददाता, शिमला। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित लगभग 17 लाख रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई रोहड़ू थाना में दर्ज 83 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में वित्तीय जांच के आधार पर की गई है। पुलिस का कहना है कि अब नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध कमाई पर भी लगातार प्रहार किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार दो फरवरी को रोहड़ू थाना में दर्ज मामले में महेंदली पुल के समीप पंजाब निवासी जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के कब्जे से उनकी टैक्सी में 83 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस दौरान वाहन को भी जब्त कर लिया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
शुभम ने खरीदी थी लग्जरी गाड़ी
जांच के दौरान वित्तीय अन्वेषण में सामने आया कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी शुभम दरकाल निवासी चिड़गांव ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध धन से एक लग्जरी वाहन खरीदा था। इसके अलावा मामले में बरामद नकदी भी नशे के कारोबार से अर्जित आय पाई गई। इसके आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ के तहत करीब 17 लाख रुपये मूल्य की लग्जरी वाहन और नकद राशि को फ्रीज कर जब्त करने के आदेश जारी किए गए।
अब तक कुल 4.29 करोड़ की संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक वित्तीय अन्वेषण के आधार पर सात मामलों में 25 आरोपियों की कुल 4.29 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
सबसे बड़ी कार्रवाई
पुलिस का दावा है कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई यह सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। वहीं वर्ष 2024 और 2025 में जिले में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि अब मिशन मोड में वित्तीय जांच के जरिए नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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नशा तस्करी में शामिल लोगों को केवल गिरफ्तार ही नहीं किया जाएगा, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के अनुसार जब्त किया जाएगा, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ को समाप्त किया जा सके।
-गौरव सिंह, एसएसपी, शिमला।
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