शिमला में नशा तस्करी कर जुटा ली करोड़ों की संपत्ति, पुलिस ने 16 गाड़ियां, 2 फ्लैट अपार्टमेंट व एक आवास जब्त किया
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.28 करोड़ रुपये की अवैध चल और अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत वित् ...और पढ़ें

शिमला पुलिस ने नशा तस्करों की करोड़ों की संपत्ति जब्त की है। (फोटो एआई से बनाया है)
HighLights
शिमला पुलिस ने 2.28 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की।
नशा तस्करी से 16 वाहन, 3 आवासीय संपत्तियां जब्त।
एनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच के बाद हुई कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, शिमला। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.28 करोड़ रुपये की अर्जित अवैध चल और अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के बाद की है। इनमें कोटखाई और बालूगंज थाने में दर्ज दो बड़े मामले शामिल हैं। शिमला पुलिस का कहना है कि अब सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से कमाई गई संपत्ति को भी कुर्क किया जाएगा। वर्ष 2026 में शिमला पुलिस अब तक 4.11 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर ने बताया कि शिमला पुलिस ने नशा तस्करों की अवैध कमाई पर बड़ा प्रहार किया है। पहला मामला सितंबर 2024 का है, जो थाना कोटखाई में एनीडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने 17 आरोपितों का फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन किया।
वैध आय से मेल नहीं खा रही थी संपत्ति
जांच में पता चला कि नशा तस्करी से कमाए गए पैसों से 16 वाहन, 2 रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और 1 रेजिडेंशियल बिल्डिंग खरीदी गई थी। इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत 2 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई। उन्होंने बताया कि आरोपितों की ज्ञात और वैध आय से ये संपत्ति मेल नहीं खाती थी। लिहाजा पुलिस ने पूरी संपत्ति को जब्त कर लिया।
ऋषभ की 23 लाख की संपत्ति जब्त
दूसरा मामला थाना बालूगंज का है। अप्रैल 2026 में तारा देवी रोड पर पुलिस ने आरोपी ऋषभ कुमार के पास से 8 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच में एक अन्य आरोपी बादल उर्फ तितला को भी गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच में सामने आया कि ऋषभ ने नशे की कमाई से एक जमीन का प्लॉट और एक गाड़ी खरीदी थी। इन संपत्तियों की कुल कीमत 23 लाख 23 हजार रुपये है। पुलिस ने इसे भी विधि अनुसार जप्त कर लिया है।इन दोनों मामलों में मिलाकर 2 करोड़ 28 लाख की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
6 महीने में 4.11 करोड़ की संपत्ति जब्त
एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि साल 2026 में अब तक 6 मामलों में 24 आरोपियों की 4 करोड़ 11 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। ये आंकड़ा इस साल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सबसे बड़ी फाइनेंशियल कार्रवाई है। वर्ष 2024 और 2025 में शिमला में इस तरह की कोई संपत्ति जब्त नहीं हुई थी।
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पुलिस ने साफ किया है कि अब नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं होगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति की पहचान कर उसे भी कानून के तहत कुर्क किया जाएगा ताकि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।