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    शिमला में आफत की बारिश: शहर में 12 पेड़ गिरे, तीन वाहन हुए क्षतिग्रस्त; भूस्खलन से सड़कें बाधित

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:40 PM (IST)

    शिमला में रविवार शाम और देर रात हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर में भूस्खलन, 12 पेड़ गिरने और 3 वाहन क्षतिग्रस्त होने से कई सड ...और पढ़ें

    शिमला शहर में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण जगह-जगह नुकसान हुआ है। जागरण

    शिमला शहर में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण जगह-जगह नुकसान हुआ है। जागरण

    HighLights

    1. शिमला में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित।

    2. शहर में 12 पेड़ गिरे, 3 वाहन क्षतिग्रस्त, सड़कें बाधित।

    3. प्रशासनिक टीमें राहत कार्य में जुटी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

    जागरण संवाददाता, शिमला। शिमला में रविवार शाम और देर रात हुई मूसलधार वर्षा ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई वर्षा के कारण विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरे हैं। 12 से अधिक पेड़ गिरने से कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि 3 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। चौड़ा मैदान, लक्कड़ बाजार, माल रोड के आसपास, संजौली और अन्य क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ। कई स्थानों पर मलबा सड़क पर आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीमें रात से ही सड़कें बहाल करने में जुटी रहीं। 

    पेड़ काटते समय पलटा वाहन

    चौड़ा मैदान और अन्य इलाकों में भारी-भरकम पेड़ गिरने से दो वाहन चपेट में आ गए। वाहनों को नुकसान पहुंचा, लेकिन चालक और आसपास मौजूद लोग सुरक्षित रहे। वहीं कैथू ओवरब्रिज के पास एक खतरनाक पेड़ को काटते समय विभाग का एक वाहन असंतुलित होकर पलट गया। इस घटना में भी कोई कर्मचारी घायल नहीं हुआ, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 

    उखड़कर गिरे पेड़

    अधिकांश पेड़ भूस्खलन के कारण कमजोर हुई जमीन के साथ उखड़कर गिरे। लगातार हो रही वर्षा से पहाड़ियों की मिट्टी ढीली पड़ने के कारण ऐसे हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है, इससे प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    प्रशासन की टीमें जुटीं

    नगर निगम, वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें गिरे हुए पेड़ों को हटाने और मार्गों को सुचारू बनाने में जुटी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्रतिकूल मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।

    भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और बड़े पेड़ों के नीचे वाहन खड़े न करें। लगातार हो रही बारिश से कि राजधानी में मानसून के दौरान भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। 

    नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में भूस्खलन के साथ पेड़ गिरे हैं। मलबा व पेड़ों को उठाने का काम किया जा रहा है।

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