शिमला में 75 रिटायर्ड पटवारी, कानूनगो व तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति करेगा प्रशासन, युवा कर रहे भर्ती का इंतजार
शिमला प्रशासन ने 75 राजस्व पदों (पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार) पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया है। यह निर्णय हजारों बेर ...और पढ़ें

जिला शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप। जागरण आर्काइव
HighLights
शिमला में 75 राजस्व पदों पर सेवानिवृत्त कर्मचारी।
बेरोजगार युवा नियमित भर्ती का कर रहे इंतजार।
लंबित राजस्व मामलों के निपटारे का प्रशासन का तर्क।
जागरण संवाददाता, शिमला। एक ओर प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवा राजस्व विभाग में नियमित भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिमला जिला प्रशासन ने 75 रिक्त पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति का रास्ता चुना है। उपायुक्त कार्यालय शिमला ने 25 जुलाई को जारी विज्ञापन में 70 पटवारी, चार कानूनगो और एक तहसीलदार के पदों पर रिटायर्ड कर्मचारियों से आवेदन मांगे हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 3 अगस्त निर्धारित की गई है। इस विज्ञापन ने नियमित भर्ती की रफ्तार और बेरोजगार युवाओं के रोजगार के अवसरों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजस्व विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों के कारण जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा प्रभावित हो रहा है। तकसीम (बंटवारा), इंतकाल, सीमांकन, विरासत और अन्य राजस्व प्रकरणों में लगातार लंबित मामलों का बोझ बढ़ रहा है। विभाग का मानना है कि नियमित भर्ती पूरी होने तक अनुभवी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेकर इन मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सकता है।
युवाओं में बढ़ रही निराशा
हालांकि, इस निर्णय का दूसरा पक्ष भी सामने आ रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा वर्षों से पटवारी और अन्य राजस्व पदों पर नियमित भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में बार-बार रिटायर्ड कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उनका कहना है कि जब विभाग में काम का इतना दबाव है कि रिक्त पदों को भरना जरूरी हो गया है, तो सरकार को नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके।
सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति
जिला प्रशासन का तर्क है कि जिले में रिक्त पड़े तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी के पदों पर मानदेय के आधार पर अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विशेष रूप से तकसीम सहित अन्य लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा करना है, ताकि आम लोगों को राजस्व सेवाएं शीघ्र उपलब्ध हो सकें।
पद खाली रहने से कार्य प्रभावित
शिमला जैसे बड़े जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली सीधे आम जनता से जुड़ी हुई है। जमीन की खरीद-फरोख्त, इंतकाल, सीमांकन, विरासत और सरकारी योजनाओं के लिए भूमि अभिलेखों का सत्यापन जैसे अधिकांश कार्य पटवारी और कानूनगो स्तर पर ही संपन्न होते हैं। पद खाली रहने से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि लोगों को महीनों तक कार्यालयों के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।