अचानक सिम बंद... तो हो जाएं सतर्क, सिम स्वैप फ्रॉड से हो सकता है अकाउंट खाली ; हिमाचल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधी सिम स्वैप फ्राड के नए तरीके अपना रहे हैं। मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद होना ठगी का संकेत हो सकता है। ठग फर्जी दस्तावेजों से ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में सिम स्वैप फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मोबाइल नेटवर्क बंद होना सिम स्वैप फ्राड का बड़ा संकेत।
ओटीपी, पिन, बैंक विवरण किसी से भी साझा न करें।
संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।
जागरण संवाददाता, शिमला। डिजिटल युग में साइबर अपराधी ठगी के भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। प्रदेश में अब सिम स्वैप फ्राड के मामले सामने आने लगे हैं। मोबाइल नेटवर्क का अचानक बंद हो जाना अब सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि साइबर ठगी का बड़ा संकेत बन चुका है। पुलिस ने चेतावनी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अपने नाम ट्रांसफर करवा लेते हैं सिम
साइबर ठग फर्जी दस्तावेजों के सहारे पीड़ित की मोबाइल सिम अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेते हैं। इसके बाद बैंक से जुड़े ओटीपी, काल और संदेश सीधे ठगों के पास पहुंचते हैं। नतीजा कुछ ही मिनट में खाते से हजारों व लाखों रुपये की राशि साफ हो जाती है।
बचाव के लिए क्या करें
सिम स्वैप फ्राड से बचने के लिए कभी भी ओटीपी, पिन, आधार या बैंक विवरण किसी को फोन पर न बताएं। मोबाइल फोन अचानक नेटवर्क दिखाना बंद करे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। बैंक खाते में एसएमएस और ईमेल अलर्ट दोनों चालू रखें। मोबाइल कंपनी में अतिरिक्त सुरक्षा पासवर्ड (सिम लाक/पोर्ट आउट पिन) लगवाएं। संदिग्ध काल या मैसेज की सूचना तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। मोबाइल नंबर को इंटरनेट मीडिया और अनजान वेबसाइट पर सार्वजनिक न करें।
- केस स्टड
होटल कारोबारी के खाते से उड़ाए डेढ़ लाख रुपये
शिमला के एक निजी होटल कारोबारी का मोबाइल फोन अचानक नो सर्विस हो गया। उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी दिक्कत समझा, लेकिन कुछ ही देर में बैंक से लेनदेन के संदेश आने लगे। जांच में पता चला कि उनकी सिम डुप्लीकेट कर सिम स्वैप फ्राड किया गया और खाते से डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली गई।
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सोलन की बुजुर्ग महिला भी हुई ठगी का शिकार
सोलन जिले में एक बुजुर्ग महिला का नेटवर्क बंद होते ही बैंक खाते से लगातार निकासी होने लगी। परिवार ने तुरंत बैंक से संपर्क किया, लेकिन तब तक साइबर ठग आनलाइन ट्रांजेक्शन और एटीएम के जरिए खाता लगभग खाली कर चुके थे। इसमें महिला के खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए गए।
मोबाइल फोन नेटवर्क का अचानक बंद होना सिम स्वैप फ्राड का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत बैंक, टेलीकाम कंपनी और पुलिस को सूचना देनी जरूरी है। ओटीपी, बैंक विवरण और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
-अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक।
इस तरह होता है सिम स्वैप फ्राड
सिम स्वैप फ्राड में ठग आपके मोबाइल नंबर को अपने नाम की नई सिम में ट्रांसफर करवा लेते हैं। ठग पहले आपका मोबाइल नंबर, आधार, पैन या बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करते हैं। इसके बाद मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर को काल कर सिम खराब या खोने की झूठी शिकायत करते हैं। फर्जी दस्तावेज या चोरी की जानकारी के आधार पर नई सिम जारी करवा लेते हैं। जैसे ही आपकी सिम बंद होती है ठग के पास ओटीपी, बैंक अलर्ट और काल पहुंचने लगती हैं। फिर वह आपके बैंक खाते, यूपीआइ, इंटरनेट मीडिया और ईमेल को खाली कर देते हैं। कई मामलों में पीड़ित को तब पता चलता है, जब खाते से पैसे निकल चुके होते हैं।
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