'हिमाचल सरकार के फैसलों व भ्रामक आंकड़ों ने संकट में धकेला', सुधीर शर्मा ने पूछा, वास्तविकता से अधिक क्यों दिखाई आय?
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने हिमाचल सरकार पर आर्थिक-प्रशासनिक संकट के लिए गलत फैसलों और लापरवाह कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने वित्त आयो ...और पढ़ें

भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और सरकार पर निशाना साधा है। जागरण आर्काइव
HighLights
सरकार के गलत फैसलों से हिमाचल आर्थिक-प्रशासनिक संकट में।
वित्त आयोग के समक्ष राज्य का पक्ष कमजोर रखा गया।
भ्रामक आंकड़े भेजे, प्रति व्यक्ति आय अधिक दिखाई गई।
जागरण संवाददाता, शिमला। धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जिन आर्थिक और प्रशासनिक संकटों से गुजर रहा है, उसके लिए सीधे तौर पर सरकार के गलत फैसले और लापरवाह कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। आखिर प्रदेश की जनता सरकार की गलतियों की सज़ा क्यों भुगते।
सुधीर शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त आयोग जैसे संवैधानिक मंच के सामने प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही। उन्होंने पूछा कि हिमाचल के हितों की पैरवी करने की जिम्मेदारी किसकी थी और वह जिम्मेदारी निभाने में क्यों असफल रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि गलत और भ्रामक आंकड़े भेजकर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को कमजोर रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) से जुड़ा निर्णय केवल हिमाचल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नीतिगत फैसला है।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार सराह रही फैसला
उन्होंने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता को गुमराह कर रही है।
प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई
पूर्व मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वास्तविकता से अधिक दिखाई, जिससे कागजों में आर्थिक स्थिति बेहतर दर्शाई गई। साथ ही बीपीएल सूची से लाखों पात्र लोगों के नाम काटे गए, जिसका सीधा असर केंद्रीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ा।