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    हिमाचल के कलयुगी टीचर! छह दर्जन पर भ्रष्टाचार और पॉक्सो के आरोप, शिक्षा मंत्री ने तेजी से जांच करने के दिए आदेश

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 12:25 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में 72 सरकारी शिक्षक विभागीय जांच का सामना कर रहे हैं। इन पर भ्रष्टाचार, छात्राओं से छेड़छाड़ (पॉक्सो), शारीरिक शोषण, छात्रों की पिटाई औ ...और पढ़ें

    हिमाचल के 72 सरकारी शिक्षक विभागीय जांच के दायरे में। फाइल फोटो

    हिमाचल के 72 सरकारी शिक्षक विभागीय जांच के दायरे में। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 72 सरकारी शिक्षक विभागीय जांच के दायरे में

    2. भ्रष्टाचार, पॉक्सो और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे

    3. शिक्षा मंत्री ने जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए

    अनिल ठाकुर, शिमला। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 72 शिक्षक विभागीय जांच के दायरे में है। कुछ पर भ्रष्टाचार तो कुछ पर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते सप्ताह हुई विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने वस्तुस्थिति से अवगत करवाया था।

    शिक्षा मंत्री ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि जांच को लंबित न रखा जाए। इसमें तेजी लाई जाए और जिन पर आरोप साबित होते हैं, उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए। विभागीय जांच का सामना कर रहे 72 शिक्षकों में सबसे ज्यादा 28 स्कूल प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसी तरह प्रवक्ता 15, टीजीटी 19, मुख्य अध्यापक चार और छह डीपीई के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।

    10 शिक्षकों के खिलाफ पॉक्सो के मामले दर्ज है। इसमें दो प्रधानाचार्य, तीन प्रवक्ता, चार टीजीटी व एक डीपीई शामिल है। तीन टीजीटी के खिलाफ सेक्सुअल हरासमेंट के मामले दर्ज हैं। दो टीजीटी व एक डीपीई पर छात्रों की पिटाई करने का आरोप है।

    एक प्रधानाचार्य व तीन प्रवक्ता पर गबन, सात शिक्षकों पर जानबूझ कर अनुपस्थित रहने, दो पर शराब पीकर आने व 44 अन्य तरह की शिकायतें हैं। इनमें 24 प्रधानाचार्य, छह प्रवक्ता, सात टीजीटी, तीन मुख्याध्यापक व चार डीपीई शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने पिछले दो महीनों में 11 शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की है। इनमें जबरन सेवानिवृत्ति, नौकरी से बर्खास्त, चेतावनी नोटिस जारी करने जैसे निर्णय लिए हैं।

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    घर पर काम करवाया, शारीरिक शोषण किया

    कुल्लू जिला के एक सरकारी स्कूल के इतिहास प्रवक्ता शिक्षक विपिन कुमार पर छात्राओं के शारीरिक शोषण के आरोप हैं। 19 फरवरी 2026 को आरोपित शिक्षक ने तीन नाबालिग छात्राओं को स्कूल समय के दौरान निजी आवास पर घरेलू कार्य करवाने के लिए बुलाया।

    इस दौरान एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई। शिक्षक ने छात्रा को धमकाते हुए उसे चुप रहने व यह बात किसी को न बताने को कहा गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआइआर दर्ज की थी। विभागीय जांच में आरोप साबित होने के बाद आरोपित को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

    फोन पर मांगी थी रिश्वत

    सिरमौर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नागेटा में कार्यरत गणित प्रवक्ता हरदीश कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा। 2021 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरुवाला में आईसीटी लैब प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। जून 2021 में उन्होंने कथित रूप से एक सामग्री आपूर्तिकर्ता से फोन पर रिश्वत की मांग की थी, जिसकी ऑडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

    मामला सामने आने के बाद 23 जुलाई 2021 को पुलिस थाना नाहन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 16 अक्टूबर 2021 को आरोप साबित होने पर उसे नौकरी से जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है।