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    UPSC Success Story: एक साल की कोचिंग और पहले ही प्रयास में पाई सफलता, शिमला के विकास ने कैसे पाया 159वां रैंक?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 07 Mar 2026 01:38 PM (IST)

    शिमला के कुपवी तहसील के जुबली गांव के विकास सिंह पंवर ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 159वां रैंक हासिल किया है। पिता से प्रेरणा लेकर उन्हो ...और पढ़ें

    विकास पंवर को मिठाई खिलाते हुए माता-पिता। सौजन्य स्वजन

     विकास पंवर को मिठाई खिलाते हुए माता-पिता। सौजन्य स्वजन

    HighLights

    1. विकास सिंह पंवर ने पहले प्रयास में यूपीएससी उत्तीर्ण की।

    2. उन्होंने 159वां रैंक हासिल किया, शिमला का नाम रोशन।

    3. कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये भी जीते थे।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की कुपवी तहसील के जुबली गांव के विकास सिंह पंवर ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने 159वां रैंक हासिल किया है। विकास के पिता छतर सिंह पंवर दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं, वहीं माता बिनता पंवर गृहिणी हैं। वह पंचायत सचिव, टीजीटी आर्ट्स और आयकर निरीक्षक की परीक्षा उत्तीर्ण कर इन पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। 

    किससे मिली प्रेरणा

    विकास ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा उनका सपना था, जिसकी प्रेरणा उन्हें पिता से मिली थी और अब वह अपने पिछड़े क्षेत्र के साथ देश के अंतिम जरूरतमंद व आम जनमानस की सेवा करना चाहते हैं। विकास की कामयाबी से कुपवी क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

    कौन बनेगा करोड़पति में छाए 

    मशहूर टेलीविजन शो कौन बनेगा करोड़पति में भी विकास अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में भाग लिया था। इसमें 50 लाख रुपये की राशि जीती थी। 

    दसवीं और बारहवीं में रहे हैं स्टेट टॉपर

    वर्तमान में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से राजनीतिक शास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विकास की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी न्यू शिमला स्कूल से हुई है। सीबीएसई की दसवीं और जमा दो कक्षा में यह स्टेट टापर रह चुके हैं। 

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    पिता ने बताया सफलता का राज

    इनके पिता छतर सिंह ने बताया कि विकास ने एक वर्ष की कोचिंग और कड़ी मेहनत से यूपीएससी की परीक्षा को पास किया है। यह उनके लिए गौरव का क्षण है। विकास शुरू से ही प्रतिभावान था। पढ़ाई में बेहतर होने के कारण वह लगातार आगे बढ़ता गया। 

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