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    'अन्य धर्म स्थलों की तरह मंदिरों से भी हटे सरकारी नियंत्रण', विहिप ने भरी हुंकार; हिमाचल में होता है करोड़ों का चढ़ावा

    By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 30 Apr 2026 03:37 PM (GMT+05:30)

    विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने हिमाचल प्रदेश में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की है, आरोप है कि चढ़ावे का बड़ा हिस्सा प्रशासनिक कार्यो ...और पढ़ें

    विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे।

    विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे।

    HighLights

    1. विहिप ने हिमाचल के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति मांगी।

    2. मंदिरों के चढ़ावे का बड़ा हिस्सा प्रशासनिक कार्यों में खर्च होता है।

    3. लैंड जिहाद, लव जिहाद पर भी विहिप ने जताई चिंता।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंदिरों को अन्य धर्मों व समुदायों की तर्ज पर सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठी है। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने हिमाचल सरकार से प्रदेश के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठाई। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां अन्य धार्मिक समुदायों को अपने पूजा स्थलों के संचालन की स्वतंत्रता है। 

    37 प्रमुख मंदिर सरकार के अधीन

    हिमाचल में 37 प्रमुख हिंदू मंदिर अभी भी सरकार के अधीन हैं, ये उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1984 के तहत मंदिरों का संचालन सरकारी हस्तक्षेप में हो रहा है।

    चढ़ावे का बड़ा हिस्सा प्रशासनिक कार्यों में खर्च 

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा नियुक्त न्यासी स्वतंत्र निर्णय नहीं ले पाते और मंदिरों के चढ़ावे का एक बड़ा हिस्सा प्रशासनिक कार्यों में खर्च किया जाता है। इस मामले में उच्च न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है। 

    हर वर्ष करोड़ों रुपये चढ़ावा

    साथ ही दावा किया कि इन मंदिरों में हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा आता है, जिसे श्रद्धालु मंदिर विकास, सेवा और धार्मिक कार्यों के लिए देते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में इन मंदिरों की आय 200.59 करोड़ रुपये रही, जबकि 346.26 करोड़ रुपये सावधि जमा में हैं। यह धन हिंदू समाज का है और इसका उपयोग केवल धार्मिक व सामाजिक कार्यों में होना चाहिए। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष शिमला डा. रूपराम शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

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    लैंड जिहाद और अवैध कब्जों पर जताई चिंता

    विश्व हिंदू  परिषद ने प्रदेश में कथित लैंड जिहाद के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। संगठन का आरोप है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर धार्मिक ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। संजौली, मंडी सहित कई स्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
    परांडे ने लव जिहाद और मतांतरण के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। 

    समाज में असुरक्षा का माहौल

    उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, नूरपुर, नालागढ़ से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इससे समाज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।  परिषद के पदाधिकारियों ने ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर समय.समय पर सरकार और प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हिंदू समाज को जागरूक कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

     

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