Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'विमल नेगी मौत मामले में CBI की चार्जशीट चौंकाने वाली', भाजपा का हमला- सरकार बताए किसके इशारे पर नियम दरकिनार किए?

    By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 07 Jun 2026 05:24 PM (IST)

    विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर भाजपा नेता हर्ष महाजन ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चार्जशीट को सत्ता संरक्षण में भ्र ...और पढ़ें

    विमल नेगी की फाइल फोटो। सीबीआई की चार्जशीट के बाद भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है।

    विमल नेगी की फाइल फोटो। सीबीआई की चार्जशीट के बाद भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है।

    HighLights

    1. विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई चार्जशीट पर सवाल।

    2. भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

    3. फर्जी सर्टिफिकेट, दस्तावेज हेरफेर जैसे गंभीर खुलासे।

    जागरण टीम, शिमला। विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर सवाल उठ रहे हैं। राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा नेता हर्ष महाजन ने चार्जशीट को कांग्रेस सरकार के चेहरे से नकाब हटाने वाला दस्तावेज बताया है। महाजन ने यहां जारी बयान में चार्जशीट में सामने आए तथ्यों को चौंकाने वाला बताया। फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने, दस्तावेजों में हेरफेर करने, अधिकारियों पर दबाव बनाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार और संस्थागत षड्यंत्र की ओर इशारा करते हैं।

    सरकार से उठाए सवाल

    उन्होंने सरकार से सवाल किया कि किसके इशारे पर नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों को काम करने पर मजबूर किया। किसके संरक्षण में फाइलों और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हुई। आखिर किन लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था को दांव पर लगाया।

    यदि जांच एजेंसी के अनुसार साक्ष्यों को प्रभावित करने, रिकार्ड बदलने या जांच को भटकाने का प्रयास हुआ है तो यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं बल्कि कानून और संविधान के खिलाफ अपराध है। 

    संदेह के घेरे में रही सरकार

    सरकार पूरे मामले में शुरू से संदेह के घेरे में रही है। जब भी विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, तब सरकार ने मामले को दबाने और ध्यान भटकाने का प्रयास किया। जनता जानना चाहती है कि आखिर एक ईमानदार अधिकारी किन परिस्थितियों में इतना मानसिक दबाव झेलने को मजबूर हुआ।

    कुछ अधिकारियों को मोहरा बनाकर इस मामले को दबाने की कोशिश नहीं चलने दी जाएगी। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए, जिसमें प्रशासनिक, राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच हो।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल में IAS अधिकारियों की जंग, संजय गुप्ता पर हमलावर हुए बाल्दी; ...विवाद से ध्यान हटाने को करवाई FIR 

    यह भी पढ़ें: ढली-रामपुर फोरलेन का सर्वेक्षण पूरा, सुक्खू बोले- टनल निर्माण पर रहेगा जोर; निर्विरोध चुनी नगर पंचायत को 50 लाख रुपये 

    खबरें और भी