सिरमौर के डिंगरी सरजेट में खाई में गिरी कार, दो लोगों ने गंवाई जान; एक ही झटके में अनाथ हुईं 5 मासूम बेटियां
सिरमौर के डिंगरी सरजेट में हुए कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जिससे दो परिवार तबाह हो गए। ...और पढ़ें
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सिरमौर के डिंगरी सरजेट में खाई में गिरी कार (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
डिंगरी सरजेट में कार खाई में गिरने से दो की मौत।
तपेंद्र सिंह की पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठा।
बुजुर्ग दादा-दादी पर आया पोतियों के पालन-पोषण का भार।
राजन पुंडीर, नाहन। जिला सिरमौर के पच्छाद उपमंडल के डिंगरी सरजेट गांव में मंगलवार सुबह करीब 6:20 पर हुए कार हादसे ने दो परिवारों तथा ग्रामीणों को जिंदगी भर के जख्म दे दिए। कोटला बरोग निवासी कंवर बलवंत सिंह अपनी पत्नी नीलम ठाकुर को लेने सोमवार शाम ससुराल मड़ीघाट ( डिंगरी सरजेट) पहुंचे थे।
नीलम ठाकुर का पिछले दिनों रसौली का ऑपरेशन हुआ था तथा वह कुछ दिनों से मायके में ही थी। मंगलवार को वापिस घर कोटला बरोग नजदीक मरयोग जाना था, मगर होनी को और कुछ मंजूर था। मंगलवार सुबह हुए इस कार हादसे ने जीजा व साले की जिंदगी लील ली।
मंगलवार सुबह से ही जिला सिरमौर में बारिश हो रही थी। डिंगरी सरजेट निवासी तपेंद्र सिंह उर्फ पप्पू तथा उनका परिवार पिछले कुछ समय से मड़ीघाट में रह रहा था। वह वहां पर दुकान भी करता है।
जबकि तपेंदर सिंह की गौशाला, जमीन व पुराना घर डिंगरी सरजेट गांव में है। मंगलवार सुबह भारी बारिश में तपेंद्र सिंह व पत्नी प्रभादेवी के साथ अपने जीजा कंवर बलवंत सिंह को कार में डिंगरी सरजेट गांव तक चलने को कहा। जहां पर उन्होंने गौशाला से गाय का दूध निकालना था तथा दूध लेकर वापिस फिर मड़ीघाट आना था।
करीब 6:20 बजे जब वह तीनों कंवर बलवंत सिंह, तपेंदर सिंह व प्रभा देवी गांव में पहुंचे, तो कार बारिश में फिसल कर गहरी खाई में चली गई। कार में सवार तीनों लोग बुरी तरह से जख्मी हुए। कार खाई में गिरने की आवाज सुनकर सारे ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़े।
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ग्रामीणों ने तीनों घायलों को मौके से निकाल कर सड़क तक पहुंचा। साथ ही अपने निजी वाहनों से सिविल अस्पताल सराहां पहुंचाया। वही तपेंदर सिंह की मौत के बाद पांच लड़कियों के ऊपर से पिता का साया उठ गया है।
अब इन लड़कियों की जिम्मेदारी बुजुर्ग दादा दादी के कंधों पर आ गई है । पांच लड़कियों में से एक की शादी कर दी है, चार लड़कियां विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रही है। तपेंदर सिंह खेतीबाड़ी तथा दुकान से परिवार का पालन पोषण कर रहा था।