हिमाचल निकाय चुनाव: सिरमौर में नतीजों ने चौंकाया, सांसद के जीजा की हार; भाजपा अध्यक्ष की बहन भी पिछड़ी
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में निकाय चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे, जहां नाहन में भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगाई लेकिन पांवटा साहिब में किसी को स्पष ...और पढ़ें

सिरमौर में नगर परिषद चुनाव के चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
नाहन नगर परिषद में भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगाई।
पांवटा साहिब में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
सांसद के जीजा और भाजपा अध्यक्ष की बहन चुनाव हारे।
राजन पुंडीर, नाहन। हिमाचल प्रदेश नगर निकाय चुनाव में रविवार शाम को आए नतीजों के बाद कई चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। देश की दूसरी सबसे पुरानी नगर परिषद नाहन पर जहां भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगाई है। वहीं नगर परिषद पांवटा साहिब पर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। नगर परिषद पांवटा साहिब पर कांग्रेस और भाजपा के चार-चार प्रत्याशी तथा पांच निर्दलीय जीते। वहीं दूसरी तरफ नाहन शहर की जनता ने पूरी तरह से निर्दलीयों को नकार दिया।
नाहन शहर में पांच निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। जिसमें वार्ड नंबर 1 के नमन बर्मन को मात्र 20 वोट मिले, वार्ड नंबर तीन से लीला को 62 वोट, वार्ड नंबर 12 से नरेश को 23 वोट, विनीत को 116 वोट तथा वार्ड नंबर 13 से ज्योति को 268 वोट मिले। जबकि इसके विपरीत में पांवटा साहिब 10 निर्दलीय प्रत्याशियों में से पांच निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आए हैं।
सांसद सुरेश कश्यप के जीजा चुनाव हारे
भारतीय जनता पार्टी ने नाहन नगर परिषद से वार्ड नंबर 10 से लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप के जीजा एवं पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा देवी के पति संजय कुमार को चुनाव मैदान में उतारा था। संजय कुमार नाहन भाजपा मंडल के अध्यक्ष भी हैं। संजय कुमार कांग्रेस प्रत्याशी वसीम खान से 205 वोट से हार गए, जबकि इस वार्ड में कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी नहीं था। यहां पर कांग्रेस और भाजपा में आमने-सामने का मुकाबला था।
भाजपा जिला अध्यक्ष की बहन भी चुनाव हारी
पिछले 20 वर्षों तक नगर परिषद पांवटा साहिब पर कब्जा करने वाले भारतीय जनता पार्टी के 9 प्रत्याशी चुनाव हार गए। वहीं भारतीय जनता पार्टी सिरमौर के जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता की बहन सुमन गुप्ता पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 12 में 123 मतों से चुनाव हार गईं। पांवटा साहिब के स्थानीय निवासी होने के बावजूद भाजपा जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता अपनी बहन को नहीं जीता सके।