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    हिमाचल: सिरमौर में पंचायत प्रधान ने काटी साधु की दाढ़ी व जटाएं, संत समाज ने की निंदा; FIR के बाद महिला भी पहुंची थाने

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 20 Jan 2026 01:55 PM (IST)

    हिमाचल के सिरमौर में एक साधु ने पंचायत प्रधान पर दाढ़ी-जटाएं काटने और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। साधु प्रवेश गिरि के अनुसार, प्रधान ने उन्हें मानस ...और पढ़ें

    सिरमौर जिले की संगड़ाह पंचायत में साधु के बाल काट दिए गए।

    सिरमौर जिले की संगड़ाह पंचायत में साधु के बाल काट दिए गए।

    HighLights

    1. साधु ने प्रधान पर दाढ़ी-जटाएं काटने का आरोप लगाया।

    2. एक महिला ने साधु के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया।

    3. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच शुरू की।

    जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक अजीब मामल सामने आया है। श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की संगड़ाह पंचायत के सियूं गांव में एक मंदिर में रह रहे साधु ने प्रधान पर दाढ़ी और जटाएं जबरन काटने और पिटाई करने का आरोप लगाया है। 

    वहीं, एक महिला ने भी महात्मा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

    साधु प्रवेश गिरि ने बताया कि वह लंबे समय से ठाकुरद्वारा मंदिर आश्रम में रह रहे थे, जहां से करीब चार वर्ष पहले पंचायत के कार्यवाहक प्रधान ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें भगा दिया। इसके बाद लगनू गांव के ग्रामीणों ने उन्हें मांड बाग आश्रम में आश्रय दिया, लेकिन कथित तौर पर प्रधान का उत्पीड़न नहीं रुका। 

    उनका आरोप है कि प्रधान ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और पिटाई की। साथ ही उनकी दाढ़ी और जटाएं काट दीं। इससे उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा पहुंची। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस थाना संगड़ाह में शिकायत सौंपी, जिस पर मामला दर्ज कर हो गया है।

    छुआछूत का झूठा मामला दर्ज करवाया : साधु

    प्रवेश गिरि ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचायत प्रधान ने उनके खिलाफ अनुसूचित जाति की महिला से छुआछूत का झूठा मामला दर्ज करवाया है और उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि वे केस वापस नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज केस भी वापस नहीं लिया जाएगा।

    संत समाज ने की निंदा

    उधर, महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि महात्माओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार अति निंदनीय है। यह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी संन्यास परंपरा का अपमान है।
    संन्यास आश्रम के महंत दीनदयाल पुरी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    पंचायत प्रधान बोला, नशे में घूमता है साधु

    उधर, पंचायत प्रधान ने बताया कि बाबा शराब के नशे में गांव में घूमता है। कई बार हिदायत दी गई कि इस हालत में गांव में न घूमा करे, लेकिन वह इसके बावजूद गांव के एक घर में शराब पीकर घुस गया।

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    क्या कहते हैं एसपी

    जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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