नाहन मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे बंद, रेडियोलॉजी विभाग पर लगा ताला; एकमात्र डॉक्टर रिटायर
नाहन मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग डॉक्टरों की कमी के कारण बंद हो गया है, जिससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करना ...और पढ़ें

HighLights
नाहन मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग डॉक्टरों के बिना बंद।
अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे के लिए मरीजों को निजी क्लीनिक जाना होगा।
रेडियोलॉजिस्ट के सभी आठ स्वीकृत पद वर्तमान में रिक्त हैं।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश सरकार एक तरफ जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है। वहीं दूसरी तरफ जिला सिरमौर मुख्यालय नाहन के मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग शनिवार से बिना डॉक्टरों के बंद हो गया। शुक्रवार को रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग पूरी तरह से विशेषज्ञ विहीन हो चुका है।
कुछ महीनों पूर्व मेडिकल कॉलेज नाहन के दो रेडियोलॉजिस्ट नौकरी छोड़ चुके हैं। एक डॉक्टर का यहां से कुछ समय पहले हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए ट्रांसफर कर दी गई है। जिसके चलते नाहन मेडिकल कॉलेज में अब कोई भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं बचा है।
आठ पद स्वीकृत, सभी हुए रिक्त
मेडिकल कॉलेज नाहन में रेडियोलॉजिस्ट के आठ पद स्वीकृत हैं, जिसमें 5 सीनियर रेजिडेंट, एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर तथा एक प्रोफेसर कम एचओडी का पद स्वीकृत है, जबकि प्रदेश सरकार पिछले 10 वर्षों में नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए जूनियर रेजिडेंट के पद ही स्वीकृत नहीं करवा पाई।
इस कारण मेडिकल कॉलेज नाहन में अब ना सीनियर रेजिडेंट और ना ही कोई जूनियर रेजिडेंट, ना ही कोई प्रोफेसर बचा है।
नहीं हुए अल्ट्रासाउंड व एक्सरे
रेडियोलॉजी विभाग बंद होने से जहां मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तथा एक्स रे के लिए निजी क्लिनिकों के चक्कर काटने पड़ेंगे। जहां पर मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व एक्स-रे के लिए लोगों को निजी क्लीनिक में भारी भरकम राशि भी खर्च करनी पड़ेगी।
10 से अधर में सेवाएं
केंद्र सरकार द्वारा 2013 में नाहन मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया था। जो कि तीन वर्ष बाद वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज नाहन में न तो पूरे डॉक्टर उपलब्ध करवा पाए। न ही स्टाफ नर्स, ना ही अन्य तकनीकी कर्मचारी व ना अन्य स्टाफ मिला।
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कार्डियो सेवाएं भी नहीं हुई शुरू
जिला सिरमौर की जनता के लिए यह मेडिकल कॉलेज उपचार की जगह परेशानी का कारण बन चुका है। देश की आजादी के 79 वर्ष के बाद भी जिला सिरमौर के किसी भी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ आज तक उपलब्ध नहीं हुआ। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग भी शुरू नहीं करवा पाई है।
क्या कहते हैं प्राचार्य
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन की प्राचार्य डॉ. संगीत ढिल्लों ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग में कुल आठ स्वीकृत पद हैं। वर्तमान में सभी पद रिक्त हो गए हैं। इस संबंध में सरकार को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया गया है।