सिरमौर जिले में नदियों किनारे निर्माण पर एनजीटी का संज्ञान, पर्यावरणीय उल्लंघन पर DC को कार्रवाई का आदेश
एनजीटी ने सिरमौर जिले में नदियों और जल स्रोतों के पास कथित अवैध निर्माण व पर्यावरणीय उल्लंघनों की जांच के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने उपायुक्त सिरमौ ...और पढ़ें

एनजीटी ने सिरमौर में अवैध निर्माण पर संज्ञान लिया है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी की प्रधान पीठ नई दिल्ली ने हिमाचल के सिरमौर जिले में नदियों एवं जल स्रोतों के निकट कथित अवैध निर्माण और पर्यावरणीय उल्लंघनों के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में आरोप लगाया गया है कि नदी एवं जल स्रोतों के समीप खनन निरीक्षण चौकी, वजन पुल (वेब्रिज) का निर्माण किया गया है तथा मलबा भी डंप किया गया है।
प्राधिकरण ने कहा कि इन आरोपों की सत्यता और पर्यावरणीय मानकों के संभावित उल्लंघन की पुष्टि के लिए स्थल का निरीक्षण आवश्यक है।
उपायुक्त सिरमौर को कार्रवाई का निर्देश
प्राधिकरण ने सिरमौर के जिला मजिस्ट्रेट (उपायुक्त) को निर्देश दिए हैं कि वे आवेदक की शिकायत पर नियमानुसार विचार करें। यदि जांच में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो दो माह के भीतर आवश्यक सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
31 जुलाई को पारित हुआ है आदेश
यह आदेश 31 जुलाई को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने मूल आवेदन संख्या 231/2026, नाथूराम चौहान बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में पारित किया।