IPS प्रशिक्षण से ब्रेक लेकर निधि ने सुधारी UPSC रैंकिंग, बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी कर पाया मुकाम
निधि चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 466वां रैंक हासिल कर अपनी पिछली रैंकिंग में सुधार किया है। सिरमौर के त्रिलोकपुर की निधि वर्तमान में आईप ...और पढ़ें

जिला सिरमौर के त्रिलोकपुर की निधि चौधरी।
HighLights
निधि चौधरी ने यूपीएससी में 466वां रैंक हासिल किया।
आईपीएस प्रशिक्षण से ब्रेक लेकर सेल्फ स्टडी से तैयारी की।
आईएएस अधिकारी बनने का सपना मजबूत हुआ।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के त्रिलोकपुर क्षेत्र की निधि चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में एक बार फिर शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मौजूदा समय में आईपीएस अधिकारी का प्रशिक्षण ले रही निधि ने इस बार यूपीएससी परीक्षा में 466वां रैंक हासिल कर अपनी पिछली रैंकिंग में बड़ा सुधार दर्ज किया है।
इससे पहले उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 691वां रैंक प्राप्त किया था, जिसके बाद भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका चयन हुआ था और वर्तमान में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं।
निधि के पिता धनीराम चौधरी ने बताया कि बेटी का लक्ष्य शुरू से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का रहा है। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने आईपीएस प्रशिक्षण से एक वर्ष का ब्रेक लेकर दोबारा यूपीएससी परीक्षा देने का निर्णय लिया और कड़ी मेहनत के बल पर अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 466वां स्थान हासिल किया। अब उनकी आईएएस में चयन की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
पिता आईटीबीपी में सहायक कमांडेंट
निधि के पिता धनीराम वर्तमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सहायक कमांडेंट हैं, जबकि उनकी माता जसविंदर कौर गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा बेटी के सपनों को समर्थन दिया और हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया।
कैसे पाई सफलता
स्वजन के अनुसार निधि ने बचपन में ही आईएएस अधिकारी बनने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही निधि ने बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में निधि ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है।
सेल्फ स्टडी ही आधार
उन्होंने सेल्फ स्टडी को अपनी तैयारी का मुख्य आधार बनाया। आईपीएस प्रशिक्षण से ब्रेक लेने के बाद वह दिल्ली में अपने पिता के साथ रहकर पूरी लगन से तैयारी में जुटी रहीं।
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