देशभर की 198 और हिमाचल की 73 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल, CDSCO की फरवरी रिपोर्ट ने बढ़ाई मरीजों की चिंता
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की फरवरी रिपोर्ट में देशभर की 198 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गईं, जिनमें हिमाचल प्रदेश की 73 दवाएं शा ...और पढ़ें

देशभर में कफ सीरप समेत 198 दवाओं की गुणवत्ता में खोट (AI Generated फोटो)

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सुनील शर्मा, सोलन। देशभर में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर प्रश्न खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से फरवरी के लिए जारी ड्रग अलर्ट में 198 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जिसमें कफ सीरप और इंजेक्शन भी शामिल हैं। इनमें दिल, मिर्गी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं प्रमुख हैं, कुछ पाउडर, आयरन व विटामिन की गोलियां भी परीक्षण में खरी नहीं उतरीं। मध्य प्रदेश में पिछले वर्ष जहरीली कफ सीरप पीने से कई जिलों में 20 से अधिक बच्चों की मौत के बाद दवाओं की निगरानी और सख्त कर दी है। देशभर में 18 कफ सीरप के सैंपल फेल हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल की 73, उत्तराखंड की 35, गुजरात की 15, मध्य प्रदेश की 13, महाराष्ट्र की आठ, राजस्थान की सात, हरियाणा व उत्तर प्रदेश की छह-छह, पंजाब व तमिलनाडु की पांच-पांच, पुडुचेरी, सिक्किम की तीन-तीन, जम्मू कश्मीर, केरलम, कर्नाटक की दो-दो और तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, असम, दिल्ली, बिहार की एक-एक दवा शामिल है। आठ दवाएं पूर्वोतर राज्यों में बनी हैं।
जिन प्रमुख दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, उनमें डायरिया के लिए इस्तेमाल होने वाली जिंक एसिटेट डिसपर्सिबल 20 दवा (बैच नंबर टीडी250606), त्वचा, आंखों व थायराइड सहित रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली लाइकोपीन विटामिन ए, ई, सी, जिंक और सेलेनियम साफ्ट जेलाटिन कैप्सूल (बैच नंबर बीएसजी250404ए), तनाव व दिल पर भार कम करने वाली टेल्मिसार्टन टैबलेट आइपी 40 एमआर (बैच नंबर 1116002), एचआइवी संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली नेविरापाइन सीरप यूएसपी50 एमजी (बैच नंबर एल071), दिल की बीमारी के कारण छाती में दर्द के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली निकोरेंडिल टैबलेट आइपी पांच एमजी (बैच नंबर 4351598), हाई कोलेस्ट्राल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कम करने के लिए उपयोग होने वाली फेनोफाइब्रेट कैप्सूल आइपी 200 एमजी (बैच नंबर एफएफसी1201), कीमोथैरेपी, रेडिएशन, सर्जरी के बाद या आंत्रशोथ व कैंसर के इलाज में प्रभावी ओंडानसेट्रान हाइड्रोक्लोराइड ओरल साल्यूशन आइपी (बैच नंबर आइएनटी-01), उच्च रक्तचाप और हृदय विफलता के इलाज के लिए प्रभावी एनालाप्रिल मेलेट टैबलेट 2.5 एमजी (बैच नंबर ईएनसी01एल5ए) का सैंपल फेल हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने का कि हिमाचल में बनी दवाएं उच्च गुणवत्ता की हों, इसी कारण सैंपल की संख्या बढ़ाई गई है। उद्योगों में बनी जिन दवाओं का सैंपल फेल पाया जाता है, उनका उत्पादन बंद करवाया जाता है और नोटिस भेजकर उद्योगों से जवाब लिया जाता है और गलती पाए जाने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाती है।