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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Baddi Factory Fire: 'तीसरी मंजिल से कूदने के अलावा नहीं था कोई रास्‍ता, अंदर रहते तो तय थी मौत'; घायल खुशबू ने सुनाई आपबीती

    Updated: Sat, 03 Feb 2024 12:25 PM (GMT+05:30)

    Baddi Perfume Factory Fire हिमाचल प्रदेश के बद्दी में परफ्यूम फैक्‍ट्री में आग फैलने से कई लोगों ने तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान बचाई। उसमें से घायल ...और पढ़ें

    अंदर रहते तो तय थी मौत; घायल खुशबू ने सुनाई आपबीती
    अंदर रहते तो तय थी मौत; घायल खुशबू ने सुनाई आपबीती

    डॉ. रणेश राणा, बद्दी (सोलन)। Baddi Perfume Factory Fire: हिमाचल के सोलन जिला स्थित बरोटीवाला में परफ्यूम बनाने वाले उद्योग में अग्निकांड जितना भीषण था, उतना ही दर्द अंदर फंसे लोगों ने झेला है, जिसकी पीड़ा जीवनभर रहेगी। इनमें से एक खुशबू है, जो गांव फैचल, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है। खुशबू ब्रुकलिन अस्पताल झाड़माजरी में भर्ती है और भवन से कूदने के कारण कमर में गंभीर चोट आई है। इसी अस्पताल में सात और महिला कर्मचारी भर्ती हैं।

    रोज की तरह सभी कर्मचारी पहुंचे थे कम्‍पनी

    खुशबू ने बताया, शुक्रवार सुबह प्रतिदिन की तरह सभी कर्मचारी उद्योग में पहुंचे थे। दोपहर के भोजन के लिए सभी कर्मचारी एक बजे चले जाते हैं और करीब सवा एक बजे वापस आते हैं। मेरे साथ कुछ कर्मचारी थीं, जैसे ही प्रोडक्शन हाल में प्रथम तल पर पहुंचीं तो हल्की दुर्गंध आई।

    जब तक कुछ समझ आता कुछ कर्मचारियों को चक्कर आने लगा। इसी दौरान उद्योग में रखे रसायन ने आग पकड़ ली। कुछ कर्मचारी तो बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन हम अंदर फंस गईं। हम ऊपर की मंजिल की तरफ भागीं।

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    तीसरी मंजिल पर टीन का शेड था, लेकिन वहां जाने का कोई रास्ता नहीं था। तब तक अंदर धुआं ही धुआं हो गया था। कुछ ही मिनटों में हर तरफ आग की लपटें थी। अफरा-तफरी में कुछ कर्मचारियों ने नीचे छलांग लगा दी। नीचे की मंजिलों में भयंकर आग लगी थी तो मेरे सामने भी खिड़की से कूदने का ही विकल्प था। तीसरी मंजिल से मैंने छलांग लगाई थी। कुछ कर्मचारियों ने दूसरी मंजिल से छलांग लगाई थी। बाद में पता चला कि कुछ कर्मचारी छत पर भी फंस गए थे।

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    सबको आजीवन दर्द मिला

    यह भीषण अग्निकांड जहां बद्दी के उद्योग जगत को एक त्रासदी के रुप में याद रहेगा, वहीं जिन महिला कर्मचारियों ने भवन से छलांग लगाई, उनमें अधिकांश शारीरिक रूप से अक्षम हो सकती हैं। खुशबू चलने-फिरने में असमर्थ है। राजकुमारी के कूल्हे में गंभीर चोट है। एक अन्य महिला भी चलने-फिरने में असमर्थ है।

    ठेकेदार के पास करते हैं काम

    बताया जा रहा है कि उद्योग में अधिकतर कर्मचारी ठेकेदार के अधीन काम करते हैं। यहां पर सवाल यह है कि उद्योग प्रबंधन ने इतने कर्मचारी ठेकेदार के अधीन क्यों रखे हुए हैं। दूसरी तरफ अग्निशमन विभाग के अनापत्ति पत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतने ज्वलनशील पदार्थ को बिना पर्याप्त उपकरणों से लाइसेंस कैसे दे दिया।

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    ईएसआइ अस्पताल काठा में छह कर्मचारी भर्ती

    मीरा, शिव कुमार, प्रेमलता, अर्चना, ममता, हरीश चंद्र इएसआइ अस्पताल काठा, ब्रूकलिन अस्पताल बद्दी में 19 कर्मचारी भर्ती हैं। ब्रूकलिन अस्पताल में अनिता, आशा, दीप शिखा, ममता, अनिल, राज कुमार, टीना, पुष्पा, कश्मीरी, पूजा, अंशु, सावित्री, चरण सिंह, पिंकी, सत्येंद्रा, खुशबू, कंचन, तारावती, सावित्री, राम मूर्ति, क्रांति भर्ती हैं। आरती, गीता, प्रेम कुमारी को पीजीआइ रेफर किया है। को ईएसआइसी अस्पताल काठा बद्दी में भर्ती किया गया है।

    ये लोग हुए हैं घायल 

    घायलों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें अनिता पत्नी मोहन गांव मुंडियां सतासी तहसील बसोली जिला बदायूं, आशा पत्नी राकेश गांव रिश्वा तहसील महीपुरा जिला छतरपुर, कश्मीरी पत्नी हीरा सिंह गांव रवोकडे जिला मुरादाबाद, पूजा पत्नी उमा शंकर गांव भगवंतपुर जिला बरेली, अंशु पुत्री सूरज पाल गांव बिछपुरी जिला संभल, सावित्री पुत्री अमित गांव मनु नगर, डाकखाना आशापुर जिला बदायूं, सत्येंद्र पुत्र मितराज डाकखाना नंगला पूर्वा तहसील चंदौसी जिला संभल, खुशबु पुत्री विष्णु गोपाल गांव बिरौली जिला बंदायूं, कंचन पत्नी वीरपाल गांव खटेता तहसील चंदौसी जिला संभल की हैं।  

    साथ ही तारावती पत्नी शाम सिंह डाकखाना दया जिला संभल, सावित्री पत्नी सत्येंद्र गांव खटेर गांव चंदौसी जिला संभल, राम मूर्ति पत्नी दिनेश गांव आशापुर जिला बदायूं, क्रांति पुत्री रामपाल तहसील बिसौली जिला बदायूं, राज कुमारी पत्नी धर्मेंद्र तहसील चंदौसी जिला संभल, मीरा, शिव कुमार, प्रेम लता, अर्चना, ममता पत्नी मुन्नालाल तहसील फरीदपुर जिला बरेली (सभी उत्तर प्रदेश), हरीश चंद्र, पुष्पा पुत्री नन्द किशोर गांव घुमारिवाला जिला शिवहर (बिहार), ममता, अनिल, राज कुमार, स्लेसटीना गांव ढोल बडाली जिला पौड़ी उत्तराखंड व दीप शिखा पुत्री बलवंत सिंह गांव बादन तहसील धारकलां जिला पठानकोट पंजाब शामिल हैं।